
15 फरवरी तक टीकाकरण अभियान… डेढ़ लाख पशुओं तक पहुंचेंगे
इंदौर। पशुओं के टीकाकरण (Animal vaccination) और कृत्रिम गर्भाधान (AI) सेवाओं का प्रयोग करके अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अब सरकार ने नई डिजिटल (New digital) व्यवस्था की है। इस नई व्यवस्था के तहत पशुपालकों (Livestock farmers) को ओटीपी (OTP) बताना होगा, ताकि ये पता चल सके कि टीकाकरण सही पशुपालक के पशु को ही लगा है। प्रदेशभर में चल रहे एफएमडी के लिए टीकाकरण अभियान में भी डिजिटल व्यवस्था के साथ काम हो रहा है।
जिले में लगे 84 वीएफओ काम पर
डॉ. दिनकरराव पाटिल, उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं इंदौर ने बताया कि इसके लिए 84 एवीएफओ की ड्यूटी लगाई गई है, जिनके साथ क्षेत्र के मैत्री और गोसेवक कार्यकर्ता लगे हैं। टीकाकरण वाले पशुओं के कान में टैग लगाना भी जरूरी है। जिन्हें टैग नहीं लगा है, उन्हें लगाकर रजिस्टर्ड भी कर रहे हैं और डाटा डिजिटली अपलोड किया जा रहा है। प्रयास है कि सभी पशुओं का रिकॉर्ड सही रहे और पशुपालकों को समय से बेहतर सेवाएं मिल सकें। एक आधार नंबर केवल एक ही पशुपालक से जुड़ सकता है, ताकि रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न हो।
बीमारी से होता है आर्थिक नुकसान
खुरपका-मुंहपका रोग (फुट एंड माउथ डिसीज) से इंसानों को कोई खतरा नहीं है, लेकिन पशुधन के लिए ये आर्थिक रूप से विनाशकारी होता है। भारतभर में इस बीमारी के कई मामले सामने आए हैं, जिसके चलते हर साल बड़े स्तर पर ये अभियान विभाग द्वारा चलाया जाता है।

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