
नई दिल्ली. पाकिस्तानी (Pakistani) अशांत प्रांत बलूचिस्तान (Restive Balochistan province) में पाकिस्तानी सेना की मुश्किलें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं. बलूचिस्तान में सक्रिय अलगाववादी संस्था संगठन लिबरेशन आर्मी (BLA) ने युद्ध के मैदान में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाते हुए अपनी पहली आधुनिक एयर और ड्रोन वारफेयर यूनिट “काजी एयरो हाइव रेंजर्स” (QAHR) के गठन का आधिकारिक ऐलान किया है.
संगठन के बयान के अनुसार, यह यूनिट उन्नत तकनीक, ड्रोन संचालन और हवाई निगरानी क्षमताओं पर केंद्रित है. BLA ने दावा किया कि इस यूनिट की अवधारणा वरिष्ठ कमांडर अब्दुल बासित ने विकसित की थी, जिन्होंने संगठन में तकनीकी शोध और आधुनिक युद्ध रणनीतियों को प्राथमिकता दी.
समूह का कहना है कि QAHR ने हाल ही में ग्वादर में चलाए गए बड़े हमले “ऑपरेशन हेरोफ 2.0” के दौरान पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल किया. संगठन के मुताबिक इस ऑपरेशन में सैन्य प्रतिष्ठानों, बंदरगाह सुविधाओं और संचार ढांचे को निशाना बनाया गया. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
यूनिट की घोषणा के साथ BLA ने करीब दो मिनट का एक वीडियो और कई तस्वीरें जारी कीं. वीडियो में पहाड़ी इलाके में दो हथियारबंद सदस्यों को ड्रोन परीक्षण करते हुए दिखाया गया है. इसके बाद फुटेज में ग्वादर के ऊपर कथित तौर पर ड्रोन उड़ान के दृश्य दिखाए गए हैं, जिन्हें “ऑपरेशन हेरोफ 2.0” से जोड़ा गया है.
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह दावा सही है तो यह क्षेत्र में उग्रवादी संगठनों की रणनीति में तकनीकी बदलाव का संकेत हो सकता है. ड्रोन आधारित हमले सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकते हैं, खासकर उन इलाकों में जहां पहले पारंपरिक गुरिल्ला हमले अधिक देखे जाते थे. पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved