
भोपाल। गर्भवस्था के दौरान और पांच साल से छोटे बच्चों को टीके लगवाने के लिए राजधानी भोपाल के लोगों को भटकने से मुक्ति मिलेगी। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से इस बार माइक्रोप्लान में आईईसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। जागरूकता और हितग्राहियों को टीकाकरण केन्द्र तक बुलाने के लिए मुनादी कराना, डोंडी पिटवाना, बाजे बजवाने और माइक से अनाउंसमेंट और सामुदायिक बैठकें भी की जाएंगी।
गर्भवस्था के दौरान और पांच साल से छोटे बच्चों को टीके लगवाने के लिए राजधानी भोपाल के लोगों को भटकने से मुक्ति मिलेगी। जिले के स्वास्थ्य महकमे ने एक माइक्रोप्लान तैयार किया है। इसमें हर वार्ड की आबादी के हिसाब से अनुमानित गर्भवतियों और पांच साल तक की उम्र के बच्चों के टीकाकरण का टारगेट और संबंधित क्षेत्र के कर्मचारियों की जवाबदारी तय की गई है। किस एएनएम के क्षेत्र में कितनी गर्भवती और कितने बच्चों का टीकाकरण किस दिन होगा इसका बारीकी से प्लान बनाया गया है। अब आशा, आंगनवाडी कार्यकर्ता और एएनएम को यह पता रहेगा कि उसके क्षेत्र के किस गर्भवती और बच्चे को किस दिन टीका लगना है। आम लोगों को भी टीकाकरण सत्र की जानकारी मिल सकेगी।
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