
जब तिरंगा पूरे शान से लहराता है और पूरा देश गणतंत्र दिवस मनाता है, तो यह पल हमें रुककर सोचने, अपने सफर को याद करने और भारतीय होने के गर्व को महसूस करने का मौका देता है। यह दिन कई लोगों के लिए बचपन की यादें, जीवन के संघर्ष और देश के प्रति ज़िम्मेदारी की भावना लेकर आता है। सन नियो के कलाकार सूरज प्रताप सिंह, आकाश खंडेलवाल और आकाश जग्गा ने गणतंत्र दिवस को लेकर अपनी भावनाएं साझा कीं, जो मासूमियत, सपनों और मूल्यों से जुड़ी हैं।
‘दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी’ शो में सूरज प्रताप सिंह प्रेम की भूमिका निभा रहे हैं, वे कहते हैं,“बचपन में गणतंत्र दिवस का मतलब था सुबह जल्दी उठना, सफेद कपड़े पहनना और हाथ में छोटा सा तिरंगा थामे रहना। मुझे आज भी याद है कि हम पूरे परिवार के साथ टीवी पर परेड देखते थे और जब हमारे सैनिक पूरे जोश के साथ मार्च करते थे, तो दिल गर्व से भर जाता था। उस समय दिन का पूरा मतलब शायद समझ में नहीं आता था, लेकिन भारतीय होने का एहसास बहुत गहरा था। देशभक्ति के गीत सुनना, परेड के दौरान तालियां बजाना और घर में एक सुकून भरी खुशी वो सिंपल और मासूम पल आज भी मेरे दिल में बसे हुए हैं, जो गणतंत्र दिवस को मेरे लिए खास बना देते हैं।”
‘सत्या साची’ शो में शौर्य का किरदार निभा रहे आकाश खंडेलवाल कहते हैं, “गणतंत्र दिवस सिर्फ जश्न का दिन नहीं है, यह जिम्मेदारी का भी दिन है। एक अभिनेता होने के नाते लोग हमारी बातों और हमारे काम को देखते हैं। यह दिन मुझे याद दिलाता है कि अपने काम में ईमानदार रहकर और अपने व्यवहार में अच्छाई को अपनाकर ही हम अपने देश का सम्मान कर सकते हैं। सच्ची देशभक्ति सिर्फ देश से प्यार करना नहीं, बल्कि हर दिन एक अच्छे नागरिक की तरह सही काम करना है। हमारे संविधान, हमारे मूल्यों और आसपास के लोगों का सम्मान करना ही असली मायने रखता है। सकारात्मक सोच फैलाना, सही के लिए खड़ा होना और अपनी जड़ों से जुड़े रहना यही मेरे लिए गणतंत्र दिवस का असली अर्थ है।”
प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी शो में कुंदन की भूमिका निभा रहे आकाश जग्गा कहते हैं, “आज मेरे लिए गणतंत्र दिवस सपने देखने की आजादी का प्रतीक है। एक अभिनेता के तौर पर मैं बड़े सपनों और कई संघर्षों के साथ इस शहर में आया था। यह दिन याद दिलाता है कि हमारा संविधान हमें अपने सपनों को पूरा करने और अपनी पहचान बनाने का अधिकार देता है। जब भी मैं कैमरे के सामने खड़ा होता हूं, तो मुझे गर्व होता है कि मैं ऐसे देश का हिस्सा हूं, जहां सपनों को उड़ान भरने की आज़ादी है। यह भी सिखाता है कि अगर मेहनत और ईमानदारी हो, तो कोई भी सपना छोटा नहीं होता। रास्ता चाहे मुश्किल हो, लेकिन यह आजादी आगे बढ़ने की ताकत देती है। यही उम्मीद और गर्व गणतंत्र दिवस को मेरे लिए खास बनाता है।”
देखना न भूलें दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी – शाम 7:30 बजे, सत्या साची – रात 8:00 बजे, प्रथाओं की ओढ़े चुनरी: बींदणी – रात 9:00 बजे सिर्फ़ सन नियो पर।
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