
भोपाल। मप्र सरकार के आनंद विभाग का हैप्पीनेस मंत्र अन्य राज्यों को भी पंसद आ गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आहूत मुख्यमंत्रियों के कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में किए गए नवाचारों और योजनाओं के क्रियान्वयन के प्रेजेंटेशन के अवसर पर पाँच वर्ष पहले प्रारंभ किए गए आनंद विभाग की रचनात्मक गतिविधियों और आम लोगों को अवसाद से दूर कर प्रसन्न रखने के प्रयासों की भी जानकारी दी।
अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मध्यप्रदेश में प्रसन्नता का वातावरण बढ़ाने के लिए संचालित गतिविधियों के प्रति जिज्ञासा व्यक्त की। मध्यप्रदेश में आनंद के उद्देश्य से आनंद विभाग और राज्य आनंद संस्थान की स्थापना की गई है। इसके अंतर्गत करीब 60 हजार नागरिक स्वैच्छिक रूप से आनंदक के रूप में पंजीकृत हुए हैं। प्रदेश में 170 आनंदम केन्द्र कार्य कर रहे हैं, जो जॉय ऑफ गिविंग (किसी को सहयोग करने का सुख) के भाव को प्रोत्साहित करते हैं। इसमें निर्धारित सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने अपने निजी संग्रह में आवश्यकता से अधिक प्रतीत होने वाले घरेलू सामान को छोडऩे के उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। यह सामान जिस व्यक्ति को आवश्यकता होती है वह ले जाता है। मध्यप्रदेश की इन गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है।
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