
डेस्क: भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते पिछले डेढ़ सालों में काफी निचले स्तर पर गिर गए हैं. इस बीच बांग्लादेश भारत के दुश्मन देशों के साथ अपने संबंध बढ़िया करने में लगा हुआ है. बांग्लादेश के बदले रवैये को लेकर भारत भी अलर्ट है. हालांकि भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि बांग्लादेश के साथ उसके संबंध अपने आप में बहुत ही खास हैं. और वह घटनाओं पर कड़ी नजर रखता है जो उसके राष्ट्रीय हितों को प्रभावित करती हैं. पाकिस्तान के साथ बढ़ती दोस्ती पर कहा कि हमारी इस पर नजर है.
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कल लोकसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि भारत के बांग्लादेश के साथ संबंध अपने आप में बहुत ही खास हैं और यह दूसरे देशों के साथ उसके संबंधों से जुड़े हुए नहीं हैं. सरकार ने संसद को बताया कि भारत उन सभी घटनाओं पर कड़ी नजर रखता है जो उसके राष्ट्रीय हितों पर असर डालती हैं और उसकी रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाता है.
उन्होंने आगे कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण, स्थिर, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश का समर्थन करता है, और यह बात सभी संबंधित बैठकों में वहां की अंतरिम सरकार को बताया जा चुका है. सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि वह पड़ोसी देशों की घटनाओं पर लगातार नजर रखती है, खासकर उन पर जो भारत की सुरक्षा और हितों पर असर डालती हैं. सिंह ने जोर देकर कहा कि अपने पड़ोसियों के साथ भारत के संबंध सर्वोच्च प्राथमिकता में आते हैं और ये आपसी हितों और मौजूदा परिस्थितियों से तय होते हैं.
विदेश मंत्रालय से जब यह पूछा गया कि क्या भारत-बांग्लादेश संबंध अभी संवेदनशील दौर में हैं और पाकिस्तान इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश में है, विदेश राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध हैं, और उनके संबंध लोगों पर केंद्रित विकास पर आधारित हैं, जिसमें नियमित आदान-प्रदान और आपसी बैठकें होती रहती हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश के साथ भारत के संबंध दूसरे देशों के साथ उसके संबंधों से इतर हैं. हालांकि सरकार भारत के हितों पर असर डालने वाली घटनाओं को लेकर भी सतर्क रहती है और उनकी सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाती है.
क्या भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक नागरिकों, खासकर हिंदुओं की खुलेआम हो रही हत्याओं की रिपोर्ट पर चर्चा की है, विदेश राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि भारत ने बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ, जिसमें उच्चतम स्तर बैठकें भी शामिल हैं, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता जताई है, और इस मुद्दे को प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने पिछले साल 16 फरवरी को बांग्लादेश के विदेश सलाहकार तौहीद हुसैन के साथ एक बैठक में उठाया था.
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से संबंधित रिपोर्टों पर नजर रखने से जुड़े सवाल पर उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने सभी नागरिकों, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय भी शामिल हैं, की सुरक्षा सुनिश्चित करना बांग्लादेश की जिम्मेदारी है.
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