
उज्जैन। शासकीय जिला अस्पताल में इस वर्ष 10 महीने में 250 से ज्यादा शवों के पोस्टमार्टम किये जा चुके हैं। इसमें ज्यादातर पोस्टमार्टम जहर खाकर आत्महत्या करने तथा सड़क दुर्घटनाओं में मरे लोगों के हुए है। आत्महत्या के बाद पोस्टमार्टम के लिए शवों में युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
जिले अस्पताल से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जहाँ एक ओर गत वर्ष 1 जनवरी 2025 से लेकर 31 अक्टूबर तक जिले में 500 से अधिक लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हुई। जबकि करीब 300 लोगों ने जहरीला पदार्थ खाकर व फंदा लगाकर अपनी जान दी थी। इसके अलावा 50 से ज्यादा लोगों की मौत पानी में डूबने के कारण हुई थी। जिला अस्पताल में हर रोज दो से तीन पोस्टमार्टम किए। अस्पताल के डॉक्टर बता रहे हैं कि सालभर में पीएम के लिए आने वाले शवों में सबसे ज्यादा सड़क हादसों के रहे हंै। पीएम के लिए आने वाले शवों में सबसे बड़ी संख्या सड़क दुर्घटनाओं की है। तकरीबन 300 लोग वाहन दुर्घटना में अपनी जान इस वर्ष गवा बैठें, वहीं 200 से अधिक लोगों ने जहर खाकर जान दी थी। इसमें फंदा लगाने वाले लोग भी शामिल है, वहीं पानी से डूबने, बीमारी के चलते मौत तथा हादसों में मृत लोगों को संदिग्ध मानते पीएम करवाए गए है। वहीं इस साल 1 जनवरी से लेकर 31 अक्टूबर तक जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में 250 से ज्यादा शवों का पीएम किया जा चुका है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जितेन्द्र शर्मा ने बताया कि आत्महत्या के प्रकरणों में हुए पीएम में युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
कई महीने पहले से करते है प्लानिंग, इन बातों पर दें ध्यान..
मनोरोग चिकित्सकों ने बताया कि जिले में युवा वर्ग में आत्महत्या की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। छोटी मोटी बात जैसे नौकरी, पारिवारिक विवाद में युवा जहर खाकर या फंदा लगाकर जान दे रहे हैं। पिछले एक दो सालों में देखा गया हैं कि बाहर से उज्जैन आकर लोग जान दे रहे हैं। ऐसे में प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। परेशान लोग आत्महत्या का रास्ता चुन रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आत्महत्या जैसा घातक कदम कोई भी व्यक्ति जल्दबाजी में नहीं उठाता। इसके लिए वह 3 से 6 माह पहले से इसकी तैयारी करता है। इस अवधि में व्यक्ति घर में या ऑफिस अथवा सार्वजनिक स्थानों पर खुद को अन्य लोगों से अलग रखता है। अगर किसी परिवार में युवाओं में इस तरह के लक्षण नजर आए तो परिजनों को उन पर तत्काल ध्यान देना चाहिए तथा विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेकर काउंसलिंग कराई जानी चाहिए।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved