
पशुपालन विभाग की मोबाइल वेटरनरी यूनिट पहुंची 559 पशुओं के पास
इंदौर। इंदौर (Indore) जिले में पशुपालन विभाग (Animal Husbandry Department) ने बीते महीने 26 हजार से ज्यादा पशुओं (animals) का इलाज किया है। इसमें पशुधन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माने जाने वाले कृत्रिम गर्भाधान (artificial insemination) के मामले ही 6811 हैं। मोबाइल वेटरनरी यूनिट भी इसमें बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका में है।
पशुपालन और डेरी विभाग ने इंदौर जिले में केवल जनवरी माह में ही 26060 पशुओं का इलाज किया है। इनमें जिलेभर के पशुपालकों के सभी तरह के पशु शामिल हैं, जिसमें गाय, भैंस, बकरी, भेड़, श्वान, बिल्ली, पक्षी, सूअर से लेकर पोल्ट्री फार्म में होने वाला इलाज तक शामिल है। विभाग ने इनमें से 25665 को औषधि भी प्रदान की है। वहीं बीते महीने जिले में काफी बेहतर मात्रा में कृत्रिम गर्भाधान भी हुए हैं। इनकी संख्या 6811 है। पूरे जिले में मोबाइल वेटरनरी यूनिट ने भी घर-घर पहुंचकर बीते महीने में 559 पशुओं का इलाज किया है। इसमें भी कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा मौजूद है।
श्वानों का टीकाकरण है जरूरी
डॉ. दिनकरराव पाटिल, उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं इंदौर ने बताया कि तीनों शासकीय चिकित्सालय में पहुंचने वाले मामलों में अधिकतर पालूत श्वान में पार्वो नामक वायरल इंफेक्शन बीते महीने ज्यादा देखा गया। ये श्वानों में होने वाला अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है। यह आम, लेकिन खतरनाक वायरल बीमारी है। 6 से 20 सप्ताह की उम्र के उन पिल्लों में ज्यादा देखी जाती है, जिन्हें टीका नहीं लगा है। इसलिए श्वानों को समय-समय पर टीके लगवाना बेहद जरूरी है।
150 रुपए में यूनिट पहुंचेगी घर-आंगन
गांव-गांव में पशुओं के इलाज के लिए शुरू की गई योजना चलित पशु चिकित्सा इकाई (मोबाइल वेटरनरी यूनिट) पशुओं की चिकित्सा के साथ ही टीकाकरण, दवाइयां और कृत्रिम गर्भधान की सुविधाएं देती है। इंदौर जिले के पास 5 चलित पशु चिकित्सा इकाई है, जिससे जिला मुख्यालय, इंदौर शहर, सांवेर, देपालपुर और महू विकासखंड के पशुपालकों को फायदा मिल रहा है। पशु चिकित्सा केंद्र से 3 किलोमीटर अधिक दूरी पर रहने वाले पशुपालक इसे टोल-फ्री नंबर 1962 पर कॉल करके बुलवा सकते हैं। मोबाइल वेटरनरी यूनिट में पशु चिकित्सक के साथ एक पैरावेट और ड्राइवर कम अटेंडेंट मौजूद होते हैं। इसके लिए 150 रुपए चुकाना होते हैं।
सबसे ज्यादा मामले पहुंचे छावनी चिकित्सालय
इंदौर शहर में विभाग तीन शासकीय पशु चिकित्सालय का संचालन करता है। इनमें पशु चिकित्सालय स्नेहलतागंज, पशु चिकित्सालय राजमोहल्ला और पशु चिकित्सालय छावनी शामिल हैं। यहां भी पूरे महीने हजारों केस पहुंचे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा मामले छावनी पशु चिकित्सालय के हैं। छावनी पशु चिकित्सालय में बीते महीने 1800 पशुओं का इलाज किया गया है। स्नेहलतागंज में 1098 और राजमोहल्ला पशु चिकित्सालय में 1382 का इलाज किया गया है। यहां पहुंचने वाले अधिकतर मामले घरेलू पालतुओं के हैं, जिनमें पालतू श्वान ज्यादा हैं। इनमें से कई को इन्हीं अस्पतालों से दवाइयां भी दी गईं।
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