
नई दिल्ली। इस्लामाबाद हाई कोर्ट(Islamabad High Court) बार एसोसिएशन(Bar Association) के अध्यक्ष सैयद वाजिद अली शाह गिलानी(President Syed Wajid Ali Shah Gilani) ने एक बयान में आरोप लगाया है कि पुलिस ने ईमान(police subjecte) और उनके पति को गिरफ्तार करने से पहले इस जोड़े के साथ बेहद बदसलूकी की।
पाकिस्तान की हुकूमत(Pakistani government ) ने एक बार फिर ऐसा कदम उठाया है जिससे दुनिया में उसकी थू-थू होनी तय है। दरअसल पाकिस्तान की एक कोर्ट ने हाल ही में जानी मानी मानवाधिकार कार्यकर्ता(human rights activist) को गिरफ्तार कर दस साल जेल की सजा सुना दी है। 32 साल की वकील और पाकिस्तान की सेना(Pakistani army) की मुखर आलोचक ईमान मजारी(Iman Mazari) और उनके पति पर सोशल मीडिया(social media.) पर आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप लगाया गया है। जानकारी के मुताबिक गिरफ्तारी के समय दंपत्ति के साथ बदसलूकी(mistreated) भी की गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्लामाबाद कोर्ट ने कहा कि ईमान ने अपने एक्स अकाउंट पर बेहद आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट किया था। कोर्ट के एक बयान में कहा गया है कि मजारी और उनके पति हादी अली चट्ट्ठा को 10 साल जेल में सजा काटनी होगी। कोर्ट के दस्तावेज में कहा गया है कि उन्हें तीन आरोपों में जेल की सजा सुनाई गई है, जिसमें ‘साइबर आतंकवाद’ और ‘जानबूझकर झूठी और फर्जी जानकारी फैलाने’ जैसे आरोप शामिल हैं।
गिरफ्तार के दौरान बदतमीजी
वहीं सजा सुनाए जाने के एक दिन बाद पाकिस्तानी पुलिस ने इस जोड़े को चोरों की तरह गिरफ्तार किया और उनके साथ बदतमीजी भी की। जानकारी के मुताबिक जब वे राजधानी में कोर्ट की सुनवाई के लिए जा रहे थे थे पुलिस ने उनका पीछा किया। पुलिस वैन ने बार एसोसिएशन की गाड़ी को गाड़ी का पीछा किया जिसमें मजारी कोर्ट जा रही थीं। अंडरपास आने पर पुलिस ने जबरन उनकी गाड़ी रुकवा दी और नकाबपोश सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार को इस्लामाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सैयद वाजिद अली शाह गिलानी ने एक बयान में आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने से पहले इस जोड़े के साथ बदसलूकी की। वहीं सीनेट में विपक्ष के नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने कहा है कि यह फैसला एक खतरनाक संदेश देता है कि शांतिपूर्ण वकालत और सत्ता की आलोचना को कुचलने की कोशिश की जाती है।
कौन हैं ईमान मजारी?
ईमान मजारी पाकिस्तान की पूर्व मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी की बेटी हैं। वहीं उनके दिवंगत पिता देश के जाने माने डॉक्टर थे। ईमान को सालों से देश के कुछ सबसे संवेदनशील मामलों में लोगों के लिए आवाज उठाती रही हैं। इनमें बलूचों के गायब होने के मामले भी शामिल हैं। उन्होंने कई मामलों में ईशनिंदा के आरोपियों का भी प्रतिनिधित्व किया है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved