
नई दिल्ली: सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को ठंडे बस्ते में डालने के बाद भारत (India) ने चिनाब नदी (Chenab River) पर चार बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स (Hydropower Projects) को तेजी से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं. यह प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर में हैं और इनसे बिजली (Electricity) पैदा होगी. साथ ही पानी के प्रवाह पर कंट्रोल बढ़ेगा. चिनाब नदी सिंधु बेसिन का हिस्सा है, जो पाकिस्तान (Pakistan) के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि वहां की 90% से ज्यादा खेती और पानी की जरूरत इसी पर निर्भर है.
केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में दो दिनों तक इन डैम साइट्स का दौरा किया. उन्होंने प्रोजेक्ट की प्रगति देखी और सख्त समय सीमा लागू करने के आदेश दिए. अब इन प्रोजेक्ट्स को जल्दी पूरा करने का लक्ष्य तय है.
यह हैं 4 बड़े प्रोजेक्ट्स
इनके अलावा दुल्हस्ती स्टेज-2 प्रोजेक्ट को भी दिसंबर 2025 में पर्यावरण मंत्रालय की कमेटी ने मंजूरी दी है. पाकिस्तान ने इस पर भी आपत्ति जताई, लेकिन भारत ने इसे खारिज कर दिया. ये सभी प्रोजेक्ट चिनाब बेसिन में हैं. पाकिस्तान इनकी निगरानी कर रहा है और पहले से ही रतले और दुल्हस्ती-2 पर आपत्तियां जता चुका है.
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