
नई दिल्ली: पाकिस्तान चुनाव आयोग (Pakistan Election Commission) ने शहबाज शरीफ सरकार के 3 मंत्री और 29 सांसदों की सदस्यता निलंबित कर दी है. यह फैसला संपत्ति विवरण न देने के बाद लिया गया है. पाकिस्तान में हर साल सांसदों को अपनी संपत्ति के बारे में विवरण देने का कानून है. इसका उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है. पहली बार पाकिस्तान में संपत्ति विवरण के मामले में एक साथ इतने ज्यादा सांसदों पर कार्रवाई की गई है.
जियो टीवी के मुताबिक चुनाव आयोग ने अपने एक फैसले में कहा है कि सरकार के मंत्री खालिद मकबूल सिद्दीकी, सैयद अली मूसा गिलानी और सैयद अब्दुल कादिर गिलानी के साथ-साथ 29 सांसदों की सदस्यता निलंबित कर दी गई है. आयोग ने पंजाब असेंबली के भी 52 सदस्यों की सदस्यता निलंबित की है.
सांसदों पर क्या होगा असर?
चुनाव आयोग का कहना है कि इन सांसदों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा. अगर नियति तिथि में ये सभी लोग संपत्ति का विवरण देते हैं, तो इनकी सदस्यता बहाल कर दी जाएगी. अगर सांसद संपत्ति का विवरण नियति तिथि के अंदर जमा नहीं कराते हैं तो सदस्यता रद्द करने का फैसला लिया जाएगा. पाकिस्तान में चुनाव आयोग के पास किसी भी सांसद को कदाचार के मामले में हटाने का अधिकार है. पाकिस्तान की सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है.
पाकिस्तान में संसद की कुल 336 सीटें
पाकिस्तान में संसद की कुल 336 सीटें हैं. 2024 में आखिरी बार पाकिस्तान में चुनाव हुआ था. इस चुनाव में शहबाज शरीफ की पार्टी को 131 सीटों पर जीत मिली थी. पाकिस्तान में सरकार बनाने के लिए 169 सीटों की जरूरत होती है. बिलावल भुट्टो की पार्टी भी सरकार में गठबंधन के तहत शामिल है. बिलावल की पार्टी के पास नेशनल असेंबली की 74 सीटें हैं. इमरान खान की पार्टी के मुताबिक 2024 में जो चुनाव हुए, वो अवैध तरीके से कराए गए. इस चुनाव में इमरान खान की पीटीआई को भाग नहीं लेने दिया गया था.
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