
नई दिल्ली। बांग्लादेश (Bangladesh) में शेख हसीना (Sheikh Hasina) की सरकार गिरने के बाद हुए आम चुनावों में तारिक रहमान (Tariq Rahman) के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (Bangladesh Nationalist Party) (बीएनपी) ने प्रचंड बहुमत हासिल कर सरकार बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक 17 फरवरी को तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। लेकिन मौजूदा हालात में बड़ा सवाल यह है कि जब न संसद मौजूद है और न ही स्पीकर, तो शपथ ग्रहण की प्रक्रिया आखिर पूरी कैसे होगी?
चुनाव नतीजों के बाद क्या कहता है संविधान
बांग्लादेश के संविधान के अनुसार आम चुनाव के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया निर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण से शुरू होती है। नियम है कि अंतिम परिणाम घोषित होने के तीन दिन के भीतर शपथ दिलाई जानी चाहिए। हालांकि चुनाव आयोग द्वारा घोषित नतीजों को अंतिम नहीं माना जाता। सरकार की ओर से आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी होने के बाद परिणाम औपचारिक रूप से अंतिम माने जाते हैं और इसके तीन दिन के भीतर शपथ ग्रहण कराया जाता है।
संविधान के अनुच्छेद 148 में स्पष्ट प्रावधान है कि सरकारी गजट प्रकाशित होने के तीन दिन के अंदर निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाए। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार रहे मुहम्मद यूनुस के करीबी सूत्रों का कहना है कि 18 फरवरी तक शपथ ग्रहण की पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी और इसमें ज्यादा देरी की संभावना नहीं है।
जब संसद ही नहीं, तो शपथ कौन दिलाएगा?
सामान्य परिस्थितियों में संसद के स्पीकर निर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाते हैं। लेकिन 2024 के आंदोलन के बाद संसद भंग हो चुकी है। न तो कोई स्पीकर पद पर है और न ही सदन अस्तित्व में है। यहां तक कि डिप्टी स्पीकर भी जेल में बंद बताए जा रहे हैं। ऐसे असाधारण हालात के लिए भी संविधान में व्यवस्था की गई है।
अनुच्छेद 148 के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त सदस्यों को शपथ दिला सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रपति किसी व्यक्ति को शपथ दिलाने के लिए नामित कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर देश के मुख्य न्यायाधीश को भी यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यानी संवैधानिक प्रक्रिया संसद की अनुपस्थिति में भी आगे बढ़ सकती है।
राष्ट्रपति की भूमिका क्या होगी?
फिलहाल बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन हैं, जो 2023 में इस पद पर आसीन हुए थे। बांग्लादेश में राष्ट्रपति का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है और उनका मौजूदा कार्यकाल 2028 तक चलेगा।
शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति ही बहुमत प्राप्त दल, यानी बीएनपी, को सरकार गठन के लिए औपचारिक आमंत्रण देंगे। बांग्लादेश की संसद में कुल 300 सीटें हैं और 151 सीटें हासिल करने वाली पार्टी को बहुमत मिलता है। इस बार बीएनपी ने 200 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई बहुमत प्राप्त किया है।
प्रधानमंत्री पद की शपथ राष्ट्रपति दिलाते हैं। इसके बाद संविधान के अनुच्छेद 56 के तहत राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद के सदस्यों को भी शपथ दिलाते हैं। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होती है, नई सरकार औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ जाती है और प्रधानमंत्री अपना कार्यभार संभाल लेते हैं।
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