
इंदौर। इंदौर-देवास-उज्जैन रेल लाइन पर रेलवे ओवरब्रिज बनाने के लिए पांच साल तक जनता आंदोलन करती रही। लोग सडक़ों पर उतरे, लेकिन सिलावट की नींद नहीं खुली। अब जब चुनाव आए और सिलावट को खतरा नजर आया, तब जाकर ब्रिज के भूमिपूजन का कार्यक्रम बनाया। चुनाव की नजदीकी के चलते ताबड़तोड़ किए जा रहे ब्रिज का भूमिपूजन तो हो जाएगा, लेकिन इसका निर्माण कब तक होगा इसको लेकर जनता में संशय है। इंदौर-देवास-उज्जैन रेल लाइन पर पीडब्ल्यूडी ने 35 करोड़ रुपए की लागत में नया टू लेन रेल ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है।
यहां रेलवे क्रॉसिंग के चलते बार-बार गेट बंद होने के कारण लगातार लंबा ट्रैफिक जाम होता है। इस कारण जनता ने कई बार आंदोलन किए और सडक़ों पर भी उतरी, लेकिन पांच साल तक इस क्षेत्र के विधायक रहने के बावजूद इलाके की गंभीर समस्या के प्रति सिलावट जागरूक नहीं हुए और जब चुनाव आए हैं, तब भूमिपूजन का कार्यक्रम बनाया गया है। सिलावट का दावा है कि पीडब्ल्यूडी ने इस ब्रिज के निर्माण की सहमति दी। ब्रिज निर्माण के लिए ठेकेदार कंपनी चुनी जा चुकी है। अक्टूबर से वह अपना काम शुरू कर देगी। ब्रिज की लंबाई लगभग 700 मीटर होगी।

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