
बीकानेर । बीकानेर की रुखसाना गौरी को (To Rukhsana Gauri of Bikaner) पीएचडी की उपाधि (PhD Degree) प्रदान की गई (Awarded) । आर.एन.बी. ग्लोबल विश्वविद्यालय, बीकानेर की अकादमिक परिषद की अभिशंसा उपरांत भारत में मुस्लिम महिलाओं का भरण पोषण: सामाजिक कानूनी और संवैधानिक परिपेक्ष्य में नैतिक और न्यायिक पहलुओं का महत्वपूर्ण अध्ययन विषय पर विद्या वाचस्पति यानी पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई ।
गौरी ने साल 1987 में मेट्रिक पास करने के बाद अब शोध कार्य आरएनबी ग्लोबल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ लॉ के विभागाध्यक्ष और सह-आचार्य डॉ अशोक प्रेम के निर्देशन में पूर्ण किया। विश्वविद्यालय के उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. गजानंद मोदी ने बताया कि गौरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा तय किए गए मानकों के आधार पर शोध कार्य पूर्ण करने के उपरांत यह उपाधि प्रदान की गई।
गौरी ने इस शोध कार्य में भारत में भरण पोषण के संबंध में मुस्लिम महिलाओं की वर्तमान स्थिति का और इस संबंध में संविधान तथा अन्य कानून में दिए गए प्रावधानों का गहन विश्लेषण किया और मुस्लिम महिलाओं के विकास के लिए इस संबंध में किए जा सकने वाले कानूनी और सामाजिक सुधारो को भी अपने शोध कार्य में समाविष्ट किया।
उल्लेखनीय है कि गौरी आरएएस अधिकारी एएच गौरी की पत्नी है। पीएचडी उपाधि प्राप्त होने पर गौरी को विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट डॉ. जी एस. राठौड़, डीन-रिसर्च डॉ. राकेश भार्गव, कुल सचिव डॉ दीपाली गुप्ता और स्कूल आफ लॉ के डीन डॉ. अनिल कौशिक ने बधाई दी।
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