
कुआलालंपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) रविवार को मलेशिया (Malaysia) का दो दिवसीय दौरा पूरा करने के बाद भारत (India) के लिए रवाना हो गए। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम (PM Anwar Ibrahim) ने उन्हें भावुक विदाई दी। रवानगी से पहले पीएम मोदी ने अपने समकक्ष अनवर इब्राहिम के साथ व्यापक बातचीत की, जिसमें रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने पर मुख्य फोकस रहा।
विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (Randhir Jaiswal) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “एक यादगार दौरा समाप्त! मलेशिया के सफल दौरे के बाद, जिसमें विशेष आत्मीयता, आतिथ्य और हमारे घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंधों की मजबूती दिखी पीएम मोदी भारत के लिए रवाना हो चुके हैं। इस दौरे से भारत-मलेशिया संबंधों को मजबूती देने वाले महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए हैं।”
पीएम मोदी ने इस दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ, जिनमें सुरक्षा सहयोग, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, आपदा प्रबंधन, भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई, ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण, व्यावसायिक शिक्षा और भारतीय श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं। मलेशियाई प्रधानमंत्री इब्राहिम से मुलाकात के बाद मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच “विशेष संबंध” हैं और दोनों पक्ष विविध क्षेत्रों में अपने संबंधों को विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों पक्षों ने सुरक्षा, रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई।
रविवार को पीएम मोदी का पुत्रजया के पर्दाना पुत्रा में औपचारिक स्वागत दिया गया। प्रधानमंत्री ने कुआलालंपुर में भारतीय राष्ट्रीय सेना (आजाद हिंद फौज) के वेटरन जयराज राजा राव से मुलाकात की और INA के असाधारण साहस, विरासत और बलिदान के लिए सभी भारतीयों की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कुआलालंपुर में मलेशिया के भारतीय मूल के मंत्रियों, सांसदों और सीनेटरों से भी मुलाकात की और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने में उनकी सक्रिय भूमिका की सराहना की।
शनिवार को मोदी ने भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित किया था। प्रवासियों को भारत और मलेशिया के बीच जीवंत सेतु बताया। उन्होंने द्वीपसमूह देश में नया वाणिज्य दूतावास खोलने और तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति की घोषणा की, जिससे छात्र भारत में पढ़ाई कर सकेंगे। मोदी ने कहा कि भारत को “विकास के लिए विश्वसनीय साझेदार” माना जा रहा है, जो हाल के विभिन्न देशों (यूके, यूएसए और यूरोपीय संघ) के साथ हुए व्यापार समझौतों में दिखता है। मोदी शनिवार को कुआलालंपुर पहुंचे थे, जहां इब्राहिम ने एयरपोर्ट पर भव्य लाल कालीन स्वागत किया, जो दोनों देशों के बीच संबंधों में नई गति का संकेत था।
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