
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी जंग के कारण दुनिया भर में संकट गहराता जा रहा है. देश में भी इसे लेकर लोगों में पैनिक फैल रहा है. हालांकि सरकार की ओर से परेशान न होने और स्थिति कंट्रोल में होने की बात कही गई है. इसी बीच बड़ी खबर सामने आई है. पीएम मोदी (PM Modi) शुक्रवार शाम को पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी जंग को लेकर मुख्यमंत्रियों से बात करने वाले हैं. पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों से ये बातचीत शाम 6:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होने वाली है.
चुनाव वाले राज्य नहीं होंगे बातचीत में शामिल
सामने आया है कि इस बैठक में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की जाएगी. बैठक का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत सभी प्रयासों में आपसी तालमेल सुनिश्चित करना है. आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव वाले राज्यों को इस बैठक में शामिल नहीं किया जाएगा. इन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ अलग से बैठक कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से आयोजित की जाएगी.
बता दें कि हाल ही में पीएम मोदी ने युद्ध के कारण जो हालात हैं उन पर पहले लोकसभा और राज्यसभा में बात की थी. अपनी स्पीच में पीएम ने तेल-गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘मेड इन इंडिया’ जहाजों और भंडारण की मजबूती का रोडमैप पेश करते हुए राज्य सरकारों को जमाखोरी रोकने का निर्देश दिया था. साथ ही पीएम ने डायलॉग और डिप्लोमेसी से शांति स्थापित करने का संदेश दिया और देश में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति का भरोसा दिलाया था.
काला बाजारी करने वालों पर सख्ती के दिए थे निर्देश
प्रधानमंत्री ने वर्तमान परिस्थितियों का फायदा उठाने वाले काला बाजारियों और जमाखोरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का निर्देश दिया था. उन्होंने राज्य सरकारों को दो प्रमुख कार्य सौंपे हैं: पहला, आवश्यक वस्तुओं की निरंतर निगरानी करना और दूसरा, जहां भी जमाखोरी की शिकायत मिले, वहां तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संकट के समय आम जनता को महंगाई से बचाना शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए.
पश्चिम एशिया में हुए भारी नुकसान की भरपाई में दुनिया को लंबा वक्त लगने की बात कहते हुए पीएम ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि हमारे आर्थिक आधार बहुत मजबूत हैं और युद्ध के अल्पकालिक व दीर्घकालिक प्रभावों से निपटने के लिए एक ‘इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप’ बनाया गया है. सरकार एलपीजी के साथ-साथ पीएनजी (PNG) के इस्तेमाल को भी बढ़ावा दे रही है, ताकि घरेलू गैस की आपूर्ति सुचारू रहे.
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