
नई दिल्ली: असम विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं. इस दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. चुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति में बीफ विवाद को लेकर तीखा टकराव देखने को मिल रहा है. सूबे के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असम जातीय परिषद (AJP) की उम्मीदवार कुंकी चौधरी और उनकी मां सुजाता गुरुंग चौधरी पर कथित रूप से बीफ खाने के आरोपों को लेकर लगातार हमले तेज कर दिए हैं.
इस तरह के आरोपों ने असम विधानसभा चुनावों से पहले एजेपी और बीजेपी के बीच राजनीतिक तनाव पैदा कर दिया है. मुख्यमंत्री सरमा ने कहा है कि असम में बीफ खाने की संस्कृति को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता.उन्होंने दावा किया कि उनके आग्रह के बाद कई मुस्लिम समुदाय के लोग भी अब बीफ की बजाय भैंस का मांस खा रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि राज्य में लागू पशु संरक्षण कानून का उल्लंघन करने वालों को तीन साल तक की सजा हो सकती है.
सरमा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जो भी गाय का मांस खाएगा, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. उन्होंने कहा, ‘गाय का मांस खाने वालों को मैं नहीं बख्शने वाला. कानून के अनुसार, मैं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराऊंगा’. इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया है.
वहीं AJP ने इसे राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश बताया है.बीफ विवाद के बीच कुंकी चौधरी को गुवाहाटी में एक रैली के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा. एक वायरल वीडियो में प्रदर्शनकारी ‘AJP गो बैक’ के नारे लगाते दिखाई दिए. चौधरी ने आरोप लगाया कि बीजेपी के आईटी सेल ने उनका एक एआई-जनित वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर फैलाया है.
उन्होंने सवाल करते हुए कहा, ‘इतनी बेताबी क्यों? बीजेपी का आईटी सेल ऐसे वीडियो बनाने में इतना पैसा और मेहनत क्यों खर्च कर रहा है? अगर उन्हें वीडियो बनाना ही है, तो वे मेरे घर आ सकते हैं और मैं बयान दूंगी’.
इसी बीच सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने जोरहाट में एक बड़ा रोड शो किया, जिसे कांग्रेस नेता गौरव गोगोई का गढ़ माना जाता है. गोगोई जोरहाट सीट से सांसद हैं, लेकिन मौजूदा विधायक हितेंद्र नाथ गोस्वामी से उन्हें कड़ी चुनौती मिल रही है. रोड शो के दौरान सरमा ने दावा किया कि जोरहाट में लोगों का भारी समर्थन गोस्वामी के साथ है और वह बड़े अंतर से जीतेंगे. उन्होंने कहा कि लोग विकास के लिए वोट देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अपर असम की सभी सीटों पर बीजेपी जीत दर्ज करेगी.
जोरहाट में गोस्वामी की लोकप्रियता और निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के साथ उनके लंबे संबंधों को देखते हुए, यह देखना दिलचस्प होगा कि गोस्वामी अपने पक्ष में वोटों को कैसे एकजुट करते हैं. 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले राज्य में राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है.
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