
इंदौर। पेड़ों के लिए पौधे बनाने वाली नर्सरी ने अब एक ही पेड़ पर अलग-अलग स्वाद के फल वाले पेड़-पौधे बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसकी शुरुआत आम और चीकू से फल से की जा रही है। सामाजिक वानिकी विभाग ने इंदौर- महू के पास बडग़ोंदा में पौधे बनाने की नर्सरी में बड़े हो रहे पेड़ पर ग्राफ्ट तकनीक के जरिए अलग-अलग नस्ल के आम लगाने की शुरुआत कर दी है। वानिकी प्रभारी के अनुसार एक आम के पेड़ पर आठ से दस प्रकार के आम लगेंगे, जिनका स्वाद उनकी प्रजाति के अनुसार होगा। आम के अलावा चीकू फल के मामले में भी यही तकनीक अपनाई जा रही है।
खिरनी के पेड़ पर चीकू के पौधे की कलम की ग्राफ्टिंग कर खिरनी के पेड़ पर चीकू फल उगाने की शुरुआत कर दी है। इसी प्रकार आम के बड़े पौधे अथवा पेड़ पर अलग-अलग प्रजाति वाले जैसे लंगड़ा आम, दशहरी आम, मलीहाबादी आम, केसरिया आम , नीलम आम, चौसा आम सहित अन्य पेड़ों की कलमें ग्राफ्टिंग तकनीक के जरिए एक पेड़ की अलग-अलग शाखाओं पर लगाई जा रही हैं। वानिकी प्रभारी अरुण लोट ने बताया कि बडग़ोंदा नर्सरी लगभग 110 हेक्टेयर में फैली हुई है। यहां पर तालाब और जंगल दोनों हैं। इसके अलावा एक छोटा सा डेम भी है। यहां हर साल कई प्रजाति के 5 लाख पौधे तैयार किए जाते हैं। लगभग इतने पौधे हर साल यहां बिक जाते हैं। नर्सरी के पास इस साल के लिए 6 लाख पौधों का स्टॉक है। यहां सिंदूर वाले पौधे से लेकर कई प्रकार के औषधीय व नक्षत्र के अलावा ग्रह शांति वाले पौधे भी तैयार किए जाते हैं।
तैयारी की शुरू
बडग़ोंदा नर्सरी में ग्राफ्टिंग तकनीक के जरिए एक ही पेड़ पर अलग-अलग स्वाद और प्रजाति वाले फल उगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस पर फल आने में प्रकृति के नियम अनुसार समय जरूर लगेगा । आने वाले समय में इस नर्सरी में इस प्रकार के विशेष पौधे भी पर्यावरणप्रेमियों के लिए उपलब्ध रहेंगे। -अरुण लोट, प्रभारी, बडग़ोंदा नर्सरी, इंदौर
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