
नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम नरेंद्र मोदी (President Draupadi Murmu and PM Narendra Modi) ने गायिका आशा भोसले के निधन पर (On the death of singer Asha Bhosle) शोक जताया (Expressed Grief) ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स हैंडल पर लिखा, ‘आशा भोसले जी के निधन से संगीत की दुनिया में एक बहुत बड़ा खालीपन आ गया है। एक महान गायिका के तौर पर उनके शानदार करियर ने भारत में संगीत के एक पूरे दौर को परिभाषित किया है। उनके साथ व्यक्तिगत रूप से बातचीत करने की मेरी बहुत प्यारी यादें हैं। उन्होंने एक कलाकार और एक इंसान के तौर पर अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जी। अपनी सुरीली और सदाबहार आवाज से उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया। उनका संगीत हमेशा अमर रहेगा। उनका निधन संगीत प्रेमियों के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मैं उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं।’
पीएम नरेंद्र मोदी ने एक्स हैंडल पर गायिका आशा भोसले की कुछ तस्वीरों के साथ लिखा, “आशा भोसले जी के निधन से गहरा दुख हुआ। वह भारत की सबसे प्रतिष्ठित और बहुमुखी आवाजों में से एक थीं। उनका असाधारण संगीत सफर, जो कई दशकों तक फैला, हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करता रहा और दुनिया भर में अनगिनत दिलों को छूता रहा। चाहे उनकी भावपूर्ण धुनें हों या जीवंत रचनाएं, उनकी आवाज में हमेशा एक कालजयी चमक रही। मैं उनके साथ बिताए गए पलों को हमेशा संजोकर रखूंगा। उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके गीत हमेशा लोगों की ज़िंदगी में गूंजते रहेंगे।”
गृह मंत्री अमित शाह ने दुख जताते हुए लिखा, ‘आज हर भारतीय के लिए और विशेष रूप से मेरे जैसे हर संगीत प्रेमी के लिए एक दुखद दिन है, क्योंकि हमारी प्यारी आशा भोसले जी अब हमारे बीच नहीं रहीं। आशा ताई ने न केवल अपनी मीठी आवाज और बेजोड़ प्रतिभा से एक अनोखी पहचान बनाई, बल्कि अपनी धुनों के माध्यम से भारतीय संगीत को और भी समृद्ध किया। संगीत की हर शैली में ढल जाने की उनकी असाधारण क्षमता ने हर किसी का दिल जीत लिया। आशा जी, जिन्होंने अपनी आवाज से लाखों दिलों को छुआ, उन्होंने न केवल हिंदी, मराठी, बंगाली, तमिल, गुजराती और कई अन्य भाषाओं में, बल्कि लोक गीतों में भी एक अमिट छाप छोड़ी। आशा ताई की आवाज में जितनी कोमलता थी, उनके स्वभाव में उतनी ही सादगी और अपनापन था। जब भी मैं उनसे मिलता था, तो हमारी संगीत और कला जैसे विषयों पर लंबी बातचीत होती थी। भले ही आज वह हमारे साथ न हों, लेकिन अपनी आवाज़ के ज़रिए वह हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेंगी। ईश्वर आशा जी को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। मैं उनके परिवार और असंख्य प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। ओम शांति शांति शांति।’
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्विटर पर लिखा, ‘अभी तीन महीने पहले ही मैं उनसे दोबारा मिला था। उस समय वह कुछ थकी हुई लग रही थीं, और अब उनके निधन की खबर मुझ तक पहुंची है। जिस तरह लता दीदी ने संगीत के माध्यम से वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन किया, ठीक वैसा ही कमाल आशा ताई ने भी कर दिखाया। आशा ताई ने अनगिनत भाषाओं में गीत गाए। उनके गीत आने वाले कई वर्षों तक भारतीय संगीत प्रेमियों के दिलों में गूंजते रहेंगे। उनके निधन से पूरे संगीत जगत और भारत के सभी संगीत प्रेमियों पर शोक की लहर छा गई है। उनके परिवार को एक गहरा आघात लगा है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।’
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने आशा भोसले की बहुमुखी प्रतिभा के बारे में भी लिखा, “चाहे भक्तिगीत हों, भावगीत, नाट्यसंगीत, गजलें, शास्त्रीय संगीत, रवींद्र संगीत, लोकगीत या पॉप, उन्होंने हर शैली पर अपनी एक अनोखी छाप छोड़ी। उन्होंने 20 से ज्यादा भारतीय भाषाओं- जिनमें मराठी, हिंदी और बंगाली शामिल हैं और साथ ही विदेशी भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने गाए। ‘महाराष्ट्र भूषण’ के साथ-साथ उन्हें ‘बंगाल विभूषण’ जैसे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया था। अब शायद ही कोई ऐसी दूसरी बहुमुखी गायिका होगी जो बदलाव को इतनी सहजता से अपना सके। हाल ही में, हम ‘विश्व रेडियो दिवस’ के एक कार्यक्रम में साथ थे, जहां उन्होंने मुझसे ‘अभी न जाओ छोड़ कर…’ गाना गाने की जिद की थी और यह तक कहा था कि देखो, मैंने मुख्यमंत्री से गाना गवाया। यह कल्पना करना भी मुश्किल है कि अब आशाताई हमारे बीच नहीं रहेंगी। मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम उनके परिवार और देश भर में फैले उनके अनगिनत प्रशंसकों के दुख में उनके साथ हैं। ओम शांति।”
आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, “आशा भोसले के जाने की खबर सुनकर मैं बेहद दुखी हूं। भारतीय संगीत जगत की एक अमर आवाज आज खामोश हो गई है। उनकी सुरीली धुनों ने कई पीढ़ियों को खुशियां दीं और अनगिनत भावनाओं को छुआ। वह एक जीवंत व्यक्तित्व थीं। लता दीदी के बाद, वह संगीत के क्षेत्र में एक महान युग के स्तंभ के रूप में खड़ी थीं। भारतीय संगीत उद्योग का यह स्तंभ अब ढह गया है। उनके गीत ही उनकी अमरता बने रहेंगे। उनकी याद में एक विनम्र श्रद्धांजलि।”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फेसबुक पर लिखा, “महान संगीत प्रतिभा आशा भोसले के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। वह एक प्रेरणादायक और मंत्रमुग्ध कर देने वाली गायिका थीं, जिन्होंने पीढ़ियों तक हमारे दिलों पर राज किया। उन्होंने कई बंगाली गीत भी गाए और बंगाल में भी उनकी लोकप्रियता अविश्वसनीय थी। हमने उन्हें 2018 में अपने सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘बंगबिभूषण’ से सम्मानित किया था। उनके परिवार, संगीत जगत और दुनिया भर में फैले उनके लाखों प्रशंसकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।”
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