
चण्डीगढ़ । पंजाब (Punjab) की तरनतारन विधानसभा सीट (Tarn Taran Assembly seat) पर उपचुनाव का बिगुल बज चुका है। इस सीट पर आगामी 11 नवंबर को उपचुनाव होने को है। वहीं 14 नवंबर को मतगणना के बाद नतीजों की घोषणा की जाएगी। इस सीट के लिए आम आदमी पार्टी, बीजेपी, कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल ने अपने-अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा पहले ही कर दी है। इस बीच अब मंगलवार को जेल में बंद खालिस्तानी अमृतपाल सिंह (Khalistani Amritpal Singh) की पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद तरनतारन सीट पर उपचुनाव करवाया जा रहा है। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे ने अमृतसर के हिंदू नेता सुधीर सूरी की हत्या करने के आरोपी संदीप सिंह सन्नी के भाई मंदीप सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है।
मंदिर के बाहर हुई थी हिंदू नेता की हत्या
वारिस पंजाब दे ने जिस मंदीप सिंह को उम्मीदवार बनाया है, उसके भाई पर हिन्दू नेता के हत्या का आरोप है। नवंबर 2022 में शिवसेना नेता सुधीर सूरी की अमृतसर में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। उन्हें उस वक्त गोली मारी गई थी, जब वह मजीठा रोड पर गोपाल मंदिर के बाहर धरने पर बैठे थे। सूरी और उनके समर्थक हिंदू देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियों की बेअदबी के खिलाफ विरोध जता रहे थे। तभी आरोपी संदीप सिंह सन्नी ने उन्हें गोलियां मारी थी। जांच से पता चला कि सन्नी अमृतपाल सिंह से प्रभावित था और उसी की विचारधारा को अपनाते हुए उसने सूरी की हत्या कर दी थी।
जेल में बंद है सन्नी
इसके बाद सन्नी फिलहाल जेल में बंद है। डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह की ओर से खडूर साहिब से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए ऐलान के बाद सन्नी को भी आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव अमृतसर सीट से लड़ाने की कवायद शुरू हुई थी। हालांकि बाद में सिर्फ अमृतपाल ने ही चुनाव लड़ा था और रिकार्ड जीत दर्ज की थी है।
पंथक वोट तोड़ेगी अमृतपाल की पार्टी
अमृतपाल सिंह ने 2024 लोकसभा चुनाव में खडूर साहिब लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और आप, कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा जैसे दिग्गज दलों के प्रत्याशियों को पछाड़ते हुए 4 लाख से अधिक वोटों के साथ जीत दर्ज की थी। तरनतारन विधानसभा सीट, खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 9 विधानसभा सीटों में से एक है। इस क्षेत्र में अमृतपाल सिंह को मिली व्यापक जनसमर्थन से उत्साहित होकर अब संगठन ने विधानसभा उपचुनाव में भी उतरने का फैसला लिया है। यहां अमृतपाल सिंह की पार्टी पंथक वोट तोड़ सकती है और दूसरे दलों को नुक्सान पहुंचा सकती है। ऐसे में सबसे ज्यादा नुक्सान अकाली दल को हो सकता है जो पंजाब की सबसे बड़ी पंथक पार्टी है।
सियासी दलों ने कमर कसी
इस बीच सभी पार्टियां तरनतारन चुनाव जीतने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही हैं। बॉर्डर बेल्ट की इस सीट के लिए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने इस बार हरमीत सिंह संधू पर दांव खेला है। संधू 2002, 2007 व 2012 में विधायक रह चुके हैं। उन्होंने दो बार शिअद से चुनाव जीता और एक बार निर्दलीय चुनाव जीता था। साल 2017 व 2022 में वे हार गए थे। वहीं कांग्रेस ने किसान नेता करणबीर सिंह बुर्ज को मैदान में उतारा है। साल 2017 में कांग्रेस के डॉ. धर्मबीर अग्निहोत्री ने इस सीट से जीत दर्ज की थी। इसके अलावा शिरोमणि अकाली दल ने सुखविंदर कौर रंधावा को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं भाजपा ने उपचुनाव के लिए हरजीत सिंह संधू को प्रत्याशी बनाया है। संधू 2007 में यूथ अकाली दल के साथ जुड़े थे, जिसके बाद वर्ष 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे।

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