मुंबई। रूस-यूक्रेन संघर्ष (Russia-Ukraine conflict) अभी भी जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) युद्ध समाप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। इसी बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को थल, जल और वायु क्षेत्रों में मॉस्को के परमाणु बलों के परीक्षण का निरीक्षण किया। रूसी मीडिया के अनुसार, यह अभ्यास सेना की तत्परता और कमांड संरचना को परखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। क्रेमलिन के एक बयान में कहा गया कि इस अभ्यास के दौरान सैन्य कमान की तैयारी, अधीनस्थ इकाइयों के नियंत्रण तथा संचालन कर्मियों के व्यावहारिक कौशलों का मूल्यांकन किया गया।
बयान में आगे कहा गया कि अभ्यास के सभी कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुके हैं। परीक्षण में एक अंतरिक्ष केंद्र से थल-आधारित ‘यार्स’ अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण, बैरेंट्स सागर में एक परमाणु पनडुब्बी से ‘सिनेवा’ बैलिस्टिक मिसाइल का फायरिंग, और सामरिक बमवर्षकों से परमाणु-सक्षम क्रूज मिसाइलों का प्रक्षेपण शामिल रहा।
रूस नियमित रूप से अपनी परमाणु क्षमताओं का अभ्यास करता रहता है, ताकि उनकी दक्षता का परीक्षण हो सके और विरोधियों को याद दिलाया जा सके कि यूक्रेन युद्ध के कारण पश्चिम के साथ बढ़ते तनाव के बीच उसके पास दुनिया का सबसे विशाल परमाणु हथियार भंडार है। नाटो ने इसी महीने की शुरुआत में अपना वार्षिक परमाणु अभ्यास आरंभ किया, जिसमें बेल्जियम और नीदरलैंड द्वारा संचालित ‘स्टीडफास्ट नून’ अभ्यास में 13 देशों के 60 विमानों समेत एफ-35ए फाइटर जेट्स और बी-52 बॉम्बर्स ने हिस्सा लिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मॉस्को और कीव के बीच युद्ध को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं, यहां तक कि उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को पुतिन की शर्तें मानने की चेतावनी भी दी है। वाशिंगटन की सहायता पर अनिश्चितता के बीच यूरोपीय ‘गठबंधन’ जेलेंस्की और यूक्रेन का साथ दे रहा है। जेलेंस्की ने बुधवार को कहा कि ट्रंप का सुझाव, अग्रिम मोर्चे पर तैनाती रोकना और उसके बाद युद्ध समाप्ति पर चर्चा करना, एक ‘उचित समझौता’ है।
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