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BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पर सवाल: हार्दिक-राहुल से लेकर अक्षर पटेल तक, क्या खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी?

February 10, 2026

नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच बीसीसीआई ने जब अपने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की सूची जारी की, तो उम्मीद थी कि यह ऐलान सिर्फ खिलाड़ियों की उपलब्धियों की चर्चा तक सीमित रहेगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। A+ कैटेगरी को पूरी तरह हटाने और कई बड़े नामों को निचले ग्रेड में रखने के फैसले ने क्रिकेट के गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस बार कुछ खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी हुई है?

इस लिस्ट में ग्रेड-A में शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को जगह मिली है। गिल जहां टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान हैं, वहीं बुमराह और जडेजा भारतीय टीम की रीढ़ माने जाते हैं। लेकिन यहीं से असहमति की आवाज़ें भी तेज होती हैं। अगर दो फॉर्मेट खेलने वाले जडेजा ग्रेड-A में हैं, तो हार्दिक पांड्या, केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ी ग्रेड-B में क्यों?

केएल राहुल लगातार टेस्ट और वनडे टीम का हिस्सा रहे हैं और मुश्किल हालात में टीम के लिए अहम पारियां खेल चुके हैं। कुलदीप यादव तीनों फॉर्मेट के लिए उपलब्ध रहते हैं और जब भी मौका मिलता है, मैच विनर साबित होते हैं। इसके बावजूद इन दोनों को ग्रेड-B में रखना कई पूर्व खिलाड़ियों और फैंस को खटक रहा है। हार्दिक पांड्या का मामला भी कुछ ऐसा ही है। वह सीमित ओवरों में भारत के सबसे बड़े ऑलराउंडर्स में से एक हैं और बड़े टूर्नामेंट्स में निर्णायक भूमिका निभाते आए हैं।

सबसे ज्यादा चर्चा अक्षर पटेल को लेकर हो रही है। अक्षर तीनों फॉर्मेट खेलते हैं और टी20 टीम में उप-कप्तान की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। गेंद और बल्ले दोनों से उनका योगदान लगातार रहा है, फिर भी उन्हें ग्रेड-C में रखा गया है। यही नहीं, टी20 वर्ल्ड कप 2024 जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे अर्शदीप सिंह, जो टी20 में भारत के प्रमुख गेंदबाज बन चुके हैं और अब वनडे में भी अपनी जगह बना रहे हैं, उन्हें भी ग्रेड-C में डाल दिया गया है।


  • इस पूरे मुद्दे पर पूर्व क्रिकेटर और एक्सपर्ट आकाश चोपड़ा ने भी खुलकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अक्षर पटेल को जो मिलना चाहिए, उसे पाने के लिए आखिर उन्हें और क्या करना होगा? तीनों फॉर्मेट खेलने वाला खिलाड़ी, एक फॉर्मेट में वाइस-कैप्टन और फिर भी ग्रेड-C? साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि अगर जडेजा और गिल ग्रेड-A में हैं, तो हार्दिक, राहुल और कुलदीप क्यों नहीं?

    कुल मिलाकर, बीसीसीआई के इस सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट ने खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस और ग्रेडिंग के पैमानों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में बोर्ड इन आलोचनाओं पर क्या रुख अपनाता है या यह बहस यूं ही क्रिकेट प्रेमियों के बीच गर्माती रहेगी।

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