
इंदौर। लोकायुक्त पुलिस ने कुछ दिन पहले परदेशीपुरा थाने की एक महिला प्रधान को ट्रैप करने के लिए रिकार्डिंग करवाई थी। इस रिकार्डिंग में एक और आरक्षक की रिश्वत मांगने की बात कैद हो गई। अब लोकायुक्त पुलिस ने उसे भी केस में आरोपी बना दिया है। कुछ माह पहले पारिवारिक विवाद के एक केस में परदेशीपुरा निवासी प्रियंका शुक्ला ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की थी कि उससे थाने की महिला प्रधान आरक्षक अनीता सिंह जमानत करवाने के एवज में पांच हजार की रिश्वत मांग रही है। इस पर लोकायुक्त पुलिस ने मामले में ट्रैप के लिए महिला के माध्यम से महिला प्रधान आरक्षक की बातचीत की रिकार्डिंग करवाई थी।
इसके बाद उसे रिश्वत लेते ट्रैप किया गया था। जब लोकायुक्त पुलिस ने यह रिकार्डिंग सुनी तो एक और व्यक्ति की आवाज सुनाई दी, जो फिंगर प्रिंट की जांच के लिए दो सौ रुपए रिश्वत मांग रहा था। इस पर लोकायुक्त पुलिस ने टीआई को तलब किया और उसे आवाज सुनाई। यह आवाज थाने के आरक्षक यशवंत जाटव की निकली। टीआई से पूछा गया कि फिंगर प्रिंट के लिए पैसे लगते हैं क्या? टीआई ने कहा- नहीं। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने आरक्षक को भी इस केस में आरोपी बना दिया और उसे आवाज के नमूने के लिए थाने में तलब किया है, ताकि आवाज का नमूना एफएसएल जांच के लिए भेजा जा सके।

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