
नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिवंगत लीजेंड Rishi Kapoor सिर्फ अपने अभिनय (acting) के लिए ही नहीं बल्कि अपने पेशेवर अनुशासन (professional discipline) के लिए भी जाने जाते थे। उनके साथ काम करने वाले फिल्ममेकर्स (filmmakers) हमेशा उनके समय (time) और शर्तों (terms) का सम्मान करते थे। David Dhawan ने एक इंटरव्यू (interview) में ऐसा ही एक किस्सा साझा किया जिसमें ऋषि कपूर की सख्ती (strictness) और पेशेवर रवैये (professional attitude) का अहसास होता है।
डेविड धवन ने बताया कि ऋषि कपूर को रात में शूटिंग बिल्कुल पसंद नहीं थी और वह शाम 7 बजे के बाद कभी काम नहीं करते थे इस नियम को वह इतने पुख्ता मानते थे कि अगर कोई फिल्म में नाइट सीन होता तो वह तुरंत काम करने से मना कर देते थे यह बात उन्होंने फिल्ममेकर के साथ गाड़ी में कहानी सुनते समय भी साबित की थी
डेविड ने बताया कि एक बार एक डायरेक्टर ऋषि कपूर को अपनी फिल्म की कहानी सुनाने आए और पहले सीन का नरेशन शुरू किया जैसे ही पता चला कि वह सीन रात का है ऋषि कपूर ने ड्राइवर को तुरंत गाड़ी रोकने का आदेश दिया और साफ कहा, ‘मैं उन फिल्मों में काम नहीं करता जिनमें रात की शूटिंग होती है चाहे कुछ भी हो जाए, मैं 7 बजे पैकअप कर लेता हूं’ इसके बाद डायरेक्टर ने कहानी आगे बढ़ाना छोड़ दिया
इसके अलावा ऋषि कपूर हर सीन के पीछे लॉजिक जानना चाहते थे वह फिल्ममेकर से पूछते थे कि यह सीन क्यों जरूरी है और इसे इस तरह क्यों किया जा रहा है अगर उनका मन किसी बात से नहीं भरता था तो काम वहीं रोक देते थे डेविड धवन के अनुसार यही वजह थी कि वह सिर्फ बेहतरीन अभिनेता ही नहीं बल्कि बेहद जिम्मेदार प्रोफेशनल भी थे
ऋषि कपूर ने अपने करियर में ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘कर्ज’, और ‘चांदनी’ जैसी हिट फिल्में दीं और लंबे समय तक बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई लेकिन उनके अनुशासन और पेशेवर रवैये के किस्से भी आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा बने हुए हैं
इस तरह ऋषि कपूर न केवल अभिनय में बल्कि अपनी सख्ती, समय की पाबंदी और हर सीन के पीछे सवाल पूछने के लिए याद किए जाते हैं उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि हर प्रोजेक्ट में उनकी गुणवत्ता और पेशेवर मानक बरकरार रहे
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