
डेस्क: भारत की दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी रॉयल एनफील्ड अब अपने विस्तार के नए चरण में एंट्री करने जा रही है. मार्केट में लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने अपनी सालाना प्रोडक्शन क्षमता 14.6 लाख यूनिट से बढ़ाकर 20 लाख यूनिट करने का निर्णय लिया है. इस योजना पर लगभग 958 करोड़ खर्च किए जाएंगे. खास बात ये है कि ये पूरा निवेश कंपनी अपने आंतरिक संसाधनों से करेगी, यानी इसके लिए किसी बाहरी कर्ज या फाइनेंसिंग का सहारा नहीं लिया जाएगा.
पिछले कुछ साल में रॉयल एनफील्ड की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है. साल 2025 कंपनी के लिए ऐतिहासिक रहा, जब उसने 10,71,809 बाइक्स की बिक्री दर्ज की. ये पहला अवसर था जब कंपनी की सालाना सेल 10 लाख यूनिट के पार पहुंची. घरेलू बाजार के साथ -साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी ब्रांड की पकड़ मजबूत हुई है.इसी अवधि में 1,32,132 मोटरसाइकिलों का निर्यात किया गया, जो इसकी वैश्विक स्वीकार्यता को दिखाता है.
मौजूदा प्रोडक्शन क्षमता लगभग पूरी तरह इस्तेमाल हो रही है. ऐसे में मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए क्षमता विस्तार आवश्यक हो गया था. ये विस्तार तमिलनाडु के चेय्यार स्थित प्लांट में किया जाएगा, जहां 5.4 लाख यूनिट की अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जाएगी. यानी कुल प्रोडक्शन में करीब 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी. इस परियोजना की शुरुआत वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में होने की उम्मीद है, जबकि पूरा विस्तार वित्त वर्ष 2028 तक पूरा किया जाएगा.
इस फैसले से कंपनी को कई रणनीतिक लाभ मिलेंगे. बढ़ती मांग को समय पर पूरा किया जा सकेगा और ग्राहकों के लिए वेटिंग पीरियड कम होने की संभावना है. साथ ही नए मॉडलों के लॉन्च और अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार की योजना को भी मजबूती मिलेगी. मिड-साइज मोटरसाइकिल सेगमेंट में पहले से मजबूत स्थिति रखने वाली रॉयल एनफील्ड अब और आक्रामक रणनीति अपनाने के लिए तैयार है.कुल मिलाकर, ₹958 करोड़ का ये निवेश केवल प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना नहीं, बल्कि कंपनी के दीर्घकालिक विकास और वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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