
मणिपुर: मणिपुर पिछले डेढ़ महीने से हिंसा की भेंट चढ़ा हुआ है. इस हिंसा में कई लोगों की जान चली गई है. इस बीच राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) ने प्रदेश के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. साथ ही साथ उसने हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई है. उसका कहना है कि मणिपुर में 45 दिनों से लगातार हो रही हिंसा बेहद चिंताजनक है. 3 मई को चुराचांदपुर में लाई हराओबा उत्सव के समय आयोजित विरोध रैली के बाद हिंसा की शुरुआत हुई, जोकि निंदनीय है.
आरएसएस ने कहा कि यह बड़े दुर्भाग्य की बात है कि सदियों से आपसी सौहार्द और सहयोग से शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करने वालों में बाद में जो अशांति और हिंसा भड़क उठी, वह अभी तक नहीं रुकी है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस दुख की घड़ी में विस्थापितों और अन्य पीड़ितों के साथ खड़ा है, जिनकी संख्या 50,000 से अधिक है.
आरएसएस का यह मत है कि प्रजातांत्रिक व्यवस्था में हिंसा और घृणा के लिए कोई स्थान नहीं है और यह भी मानता है कि किसी भी समस्या का समाधान आपसी संवाद और शांतिपूर्ण वातावरण में भाईचारे की अभिव्यक्ति से ही संभव है. उसने कहा कि वह सभी से अपील करता है कि वे एक दूसरे के बीच विश्वास की कमी खत्म करें, जोकि मौजूदा समय में संकट का कारण है. इसके लिए दोनों समुदायों को व्यापक स्तर पर कोशिश करने की जरूरत है. इसका समाधान मैतेई लोगों के बीच असुरक्षा व लाचारी की भावना और कुकी समुदाय की वास्तविक चिंताओं को एक साथ रखकर सुलझाया जा सकता है.
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