
नई दिल्ली । पिछले लगभग साढ़े तीन सालों से चल रहे रूस (Russia)और यूक्रेन युद्ध(Ukraine War) को खत्म करने का एक नया उपाय(New solution) सुझाया है। उन्होंने यूरोपीय देशों से रूसी तेल खरीद को बंद करने की अपील करते हुए कहा कि इस खरीद का पूरा पैसा रूस युद्ध में लगा रहा है। ऐसे में अगर यूरोपीय देश तेल की खरीद बंद कर देते हैं, तो रूस के अंदर पैसे की कमी हो जाएगी। इस स्थिति में वहां पर जनता विद्रोह करेगी और रूसी नेतृत्व के सामने परेशानी खड़ी हो जाएगी।
सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी बात रखते हुए यूक्रेनी पीएम ने यूरोप के देशों से रूसी तेल,गैस खरीद को बंद करने का अनुरोध किया। उन्होंने लिखा, “यूरोप को रूस से तेल और गैस का आयात बंद कर देना चाहिए। रूस यह सारा पैसा सीधे युद्ध में खर्च करता है। हमें हालिया दिनों में रूस के अंदर सरकार के सामाजिक समर्थन में कोई बढ़त नहीं दिखी है। इसका मतलब है कि यह सारा पैसा युद्ध में जा रहा है।
अगर युद्ध के लिए पैसे की कमी होगी, तो रूसी नेतृत्व पर लोगों का सामाजिक समर्थन और कम हो जाएगा, लोग असंतुष्ट हो जाएंगे। ऐसे में रूसी नेतृत्व परेशान हो जाएगा। इतिहास गवाह है, भूख के दंगों के बाद रूस हमेशा ही बदलता रहा है। यही बात उन्हें डराती है।” दरअसल, यूक्रेनी राष्ट्रपति यहां पर रूस की क्रांति का संदर्भ दिया, जिसमें गरीब जनता ने मिलकर रूसी जार शासन का अंत कर दिया था।
यूरोप की ऊर्जा जरूरतों को समझते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि वह जानते हैं कि इसमें जोखिम है। उन्होंने कहा, “हां, इसमें जोखिम है और वैकल्पिक रसद की लागत ज्यादा हो सकती है। लेकिन रूसी ऊर्जा खरीद को रोकने का कोई न कोई रास्ता खोजना होगा। इस मामले में पूरी तरह से अमेरिका के साथ हूं और यूक्रेन यूरोप की मदद करने के लिए तैयार है।”
जेलेंस्की ने कहा, “रूसी ऊर्जा खरीद को बंद करना एक व्यापक स्तर पर होना चाहिए। यह केवल ऊर्जा नहीं, बल्कि बाकी चीजों पर भी इसका असर पड़ना चाहिए। रूस के समुद्री मार्ग से व्यापार और माल निर्यात करने की क्षमता को भी रोकना होगा। यह उसकी अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने का एक उपाय है। हमें उसकी अर्थव्यवस्था को कम करने के लिए व्यापक प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है।
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