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यूक्रेनी शहर पर रूस ने दागीं मिसाइलें, जेलेंस्की बोले- लगातार आमजन को निशाना बना रहे पुतिन

January 03, 2026

कीव. रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukrain) के बीच लगभग चार साल से संघर्ष जारी है। युद्धविराम (Armistice) और शांति स्थापना के इतने प्रयास के बाद भी ये संघर्ष खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बजाय तनाव कम होने के दोनों देशों के बीच संघर्ष और हमले बढ़ते ही जा रहे है। इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि शांति स्थापना को लेकर चल रही वार्ताओं बीच एक बार फिर रूस ने यूक्रेन ते खारकिव शहर पर मिसाइल हमला किया। इस बात की जानकारी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शुक्रवार को दी।

यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने खारकिव शहर पर दो मिसाइलें दागी हैं। उन्होंने बताया कि हमला एक आवासीय इलाके पर हुआ। इस हमले में एक इमारत पूरी तरह से ध्वस्त भी हो गया। हमले के बाद बचाव कार्य जारी है और सभी आवश्यक राहत सेवाएं मौके पर हैं। अभी तक हताहतों की सही संख्या पता नहीं है।


पहले रूस का दावा फिर हमला, समझिए पूरा मामला
बता दें कि यह हमला एक दिन बाद हुआ, जब रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यूक्रेनी ड्रोन हमले में खेरसन क्षेत्र में 24 लोग मारे गए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है और 50 से ज्यादा घायल हुए। रूस ने इस हमले को सिविलियन के खिलाफ आतंकवादी हमला करार दिया।

दूसरी ओर अब रूस के हमले को लेकर जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस जानबूझकर संघर्ष को लंबा खींच रहा है और लगातार लोगों की जान ले रहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के फर्स्ट रिस्पॉन्डर्स, आपातकालीन सेवा और स्थानीय प्रशासन स्थिति की जानकारी देंगे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समर्थन, खासकर एयर डिफेंस मजबूत करने और नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने की अपील की।

यूक्रेन को शांति चाहिए- यूक्रेन
हालांकि इससे पहले अपने नए साल के संदेश में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को शांति चाहिए, लेकिन ऐसा कोई समझौता नहीं स्वीकार करेंगे जो उसकी सार्वभौमिकता और सुरक्षा को कमजोर करे। उन्होंने युद्ध से थकान के बावजूद हार नहीं मानने का संकल्प जताया। साथ ही कहा कि युद्ध का अंत यूक्रेन के अंत का मतलब नहीं होना चाहिए।
इस दौरान जेलेंस्की ने इस बात पर भी जोर दिया था कि क्या हम थक चुके हैं? हां। क्या इसका मतलब है कि हम समर्पण करने को तैयार हैं? बिल्कुल नहीं। गौरतलब है कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से डिप्लोमैटिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए मुलाकात भी की थी।

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