
वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने शनिवार को उन खबरों को महत्व नहीं दिया, जिनमें कहा गया कि रूस ने ईरान (Iran) को अमेरिकी सैन्य ठिकानों (US military bases) और सैनिकों को निशाना बनाने के लिए खुफिया जानकारी (intelligence information) दी है। ट्रंप ने कहा कि यदि ऐसा भी हो रहा है, तो ईरान को इससे कोई खास फायदा नहीं हो रहा। यह टिप्पणी उन्होंने उस समय की जब वह वायु सेना के विमान से मियामी के लिए रवाना हो रहे थे।
अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बढ़ा तनाव
ट्रंप का यह बयान उस समय आया जब अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर था। युद्ध शुरू होने के एक दिन बाद कुवैत में हुए ड्रोन हमले में अमेरिकी सेना के छह रिजर्व सैनिकों की मौत हो गई थी।
राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर पुष्टि नहीं की कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के पास रूस द्वारा ईरान को जानकारी देने के सबूत हैं या नहीं, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि इससे युद्ध की दिशा पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
रूस-अमेरिका संबंधों पर सवाल टाले
जब ट्रंप से पूछा गया कि अगर रूस ईरान की मदद कर रहा है तो अमेरिका-रूस संबंधों पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने सवाल टालते हुए कहा कि अमेरिका भी ऐसा कर सकता है। दरअसल, यूक्रेन को पिछले चार वर्षों से अमेरिका की खुफिया सहायता मिलती रही है ताकि वह रूस के मिसाइल हमलों से बचाव कर सके और कुछ रूसी लक्ष्यों को निशाना बना सके।
तेल बाजार पर युद्ध का असर
पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के साथ तेल बाजार में भारी उथल-पुथल हो रही है। फारस की खाड़ी के प्रवेश मार्ग होर्मुज के रास्ते रोजाना करीब दो करोड़ बैरल तेल ले जाने वाले जहाज गुजरते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में इनका आवागमन प्रभावित हो रहा है। ईरान के जवाबी हमलों और क्षेत्र की ऊर्जा सुविधाओं को हुए नुकसान के कारण वैश्विक आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है, जिससे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।
रणनीतिक तेल भंडार पर ट्रंप का रुख
तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ी तो कदम उठाने को तैयार हैं, लेकिन फिलहाल अमेरिका के पास पर्याप्त तेल भंडार है। अमेरिका के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में पिछले महीने के अंत तक लगभग 41.5 करोड़ बैरल तेल मौजूद था, जबकि इसकी कुल क्षमता 70 करोड़ बैरल से अधिक है। ट्रंप ने कहा कि देश में पर्याप्त तेल है और बाजार में भी तेल उपलब्ध है, स्थिति जल्दी सामान्य हो सकती है।
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