img-fluid

स्कूल बसों पर प्रति सीट और मालवाहकों पर प्रति टन के हिसाब से लगेगा जुर्माना

January 02, 2026

  • मोटरयान कराधान अधिनियम में संशोधन, बाहरी वाहनों पर 4 गुना पेनाल्टी

जबलपुर। मध्य प्रदेश सरकार ने परिवहन नियमों को सख्त करते हुए बिना परमिट, परमिट शर्तों के उल्लंघन और टैक्स चोरी करने वाले वाहनों के लिए अर्थदंड की राशि में भारी बढ़ोतरी की है। राज्य सरकार ने इसके लिए मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 की धारा 13 में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। नए नियमों का सबसे कड़ा असर दूसरे राज्यों में पंजीकृत उन वाहनों पर पड़ेगा जो बिना टैक्स चुकाए मध्य प्रदेश की सीमाओं में प्रवेश करते हैं।



संशोधित नियमों के अनुसार, यदि दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहन बिना मोटरयान कर चुकाए मध्य प्रदेश में चलते पाए जाते हैं, तो उन पर देय टैक्स के अतिरिक्त, लंबित टैक्स राशि का चार गुना अर्थदंड वसूला जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले दूसरे राज्यों के वाहनों के लिए ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था, जबकि मध्य प्रदेश में पंजीकृत वाहनों के लिए यह जुर्माना अधिकतम दोगुना तक सीमित था। सरकार के इस कदम का उद्देश्य राजस्व की चोरी रोकना और परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है।

ऐसे बदला पैनाल्टी का ताना-बाना
सार्वजनिक परिवहन, निजी वाहनों और स्कूल बसों के लिए भी दंड के प्रावधानों में आमूल-चूल परिवर्तन किया गया है। अब यदि ये वाहन बिना परमिट या परमिट शर्तों का उल्लंघन करते हुए पाए जाते हैं, तो वाहन कर के अतिरिक्त प्रति सीट एक हजार रुपये का अर्थदंड देना होगा। पुराने नियमों के तहत, ऐसे उल्लंघन पर वाहन के देय मोटरयान कर की चार गुना राशि जुर्माने के रूप में ली जाती थी, लेकिन अब इसे सीट क्षमता के आधार पर तय किया गया है। मालवाहकों के मामले में भी सख्ती बढ़ाई गई है। अब बिना परमिट या शर्तों के उल्लंघन पर वाहन में लदे माल के वजन के अनुसार एक हजार रुपये प्रति टन या उसके भाग (हिस्से) के बराबर जुर्माना लगेगा। पहले ऐसे मामलों में वाहन के जीवनकाल कर का 25 प्रतिशत हिस्सा अर्थदंड के रूप में लिया जाता था। इसके अलावा, ठेका गाड़ी श्रेणी में आने वाले वाहन, जैसे ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाली गाडिय़ां भी इसी नए अर्थदंड के दायरे में आएंगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि 13 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के बाद अब ये नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।

Share:

  • आरडीयू में कुर्सी का हाई-वोल्टेज ड्रामा

    Fri Jan 2 , 2026
    डॉ. बघेल की विदाई के बाद सिंह का राजतिलक, विरोधी नाखुश रजिस्ट्रार बनने के लिये भोपाल की दौड़ शुरू, कुलगुरू पर पक्षपात का आरोप जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में इस वक्त कड़ाके की ठंड के बीच सियासी पारा सातवें आसमान पर है। बुधवार को जैसे ही रजिस्ट्रार डॉ. आरके बघेल की विदाई हुई, वैसे ही […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved