
इंदौर। कल वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने दूसरे तेंदुए की तलाश में आरआर कैट परिसर में लगभग 6 घण्टे तक जमकर पसीना बहाया । लगभग 6 किलोमीटर तक चप्पा- चप्पा छान मारा, मगर टीम को कुछ हासिल नहीं हुआ। कैट संस्थान की सीमाएं 750 हेक्टेयर से ज्यादा है। रेस्क्यू टीम के जवानों ने जहां पैदल तो अधिकारियों ने वाहनों पर खड़े होकर सर्चिंग ऑपरेशन किया।
वन विभाग के अनुसार पहले एक तेंदुए के पिंजरे में कैद होने के बाद कैट परिसर में दूसरे तेंदुए की तलाश तेज कर दी है। कल शनिवार को भी रेस्क्यू टीम ने दूसरे तेंदुए की खोज के लिए सर्चिंग ऑपरेशन जारी रखा। यह अभियान अगले 1 सप्ताह तक जारी रहेगा। रेस्क्यू टीम हर दिन सुबह परिसर में लगाए गए 4 नाइट विजन कैमरे की रिकार्डिंग और पिंजरे के आसपास पंजे के नए निशानों को सर्च कर रही है।
ऑपरेशन में सीआईएसएफ का भी सहयोग
सर्चिंग ऑपरेशन में कैट परिसर में मौजूद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल स्टाफ का भी सहयोग मिल रहा है। इसके पहले पिंजरे में कैद तेंदुए को मेडिकल के बाद जंगल मे अज्ञात जगह पर छोड़ा जा चुका है। सुरक्षा के हिसाब से रेस्क्यू टीम कभी भी पकड़े गए तेंदुए को जंगल में छोड़ते वक्त उसका पता सार्वजनिक नहीं करते।
दूसरे तेंदुए के पिंजरे में फंसने के आसार कम
अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू के लिए रखे गए पिंजरे में दूसरे तेंदुए के फंसने के आसार तब कम हो जाते हैं, अगर वह अपने एक साथी को वह पिंजरे में फंसते देख चुका हो। इसलिए दूसरे तेंदुए को पकडऩे के लिए सर्चिंग ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।

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