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भारत-EU FTA पर शशि थरूर का संतुलित बयान: फायदे बड़े, मगर कुछ शर्तों पर जरूरी है सतर्कता

January 30, 2026

नई दिल्ली ।भारत(India) और (European Union)यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) पर सहमति बनने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं (political reactions)भी सामने आने लगी हैं। कांग्रेस सांसद(Congress MP) और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर(former Union Minister Shashi Tharoor) ने इस समझौते को लेकर संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे “बहुत बड़ी और बहुत अच्छी खबर” करार देते हुए कहा कि इसके लागू होने में समय लगेगा, इसलिए इससे तुरंत किसी बड़े आर्थिक लाभ की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। शशि थरूर ने कहा कि यूरोपीय संघ में 27 सदस्य देश शामिल हैं और इस समझौते को प्रभावी बनाने से पहले सभी देशों की मंजूरी जरूरी होगी। इसी वजह से इसके लागू होने में कम से कम एक और साल लग सकता है।

शॉर्ट टर्म नहीं, लॉन्ग टर्म में दिखेगा असर
थरूर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “इस समझौते से शॉर्ट टर्म में किसी बड़े फायदे की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, लेकिन लंबे समय में यह भारत के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत के मैन्युफैक्चरर्स, एक्सपोर्टर्स और इंडस्ट्री सेक्टर आने वाले समय में मिलने वाले बड़े अवसरों के लिए खुद को तैयार करेंगे। थरूर के मुताबिक, यह समझौता भारत की वैश्विक व्यापार हिस्सेदारी को मजबूत करने में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’
भारत-ईयू एफटीए पर सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में सहमति बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ यह समझौता अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता है। दुनिया इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ के रूप में देख रही है। सरकार के अनुसार, यह समझौता न सिर्फ व्यापार, बल्कि निवेश, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन को भी मजबूती देगा।

भारत-ईयू व्यापार का मौजूदा आंकड़ा
यूरोपीय संघ भारत का एक प्रमुख आर्थिक और व्यापारिक साझेदार है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ईयू के बीच करीब 136 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ। भारत ईयू से मशीनरी, ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट और केमिकल्स आयात करता है। वहीं भारत की ओर से मशीनें, रसायन, लोहा, एल्यूमिनियम, तांबा, खनिज उत्पाद, कपड़ा और चमड़े के सामान का निर्यात किया जाता है।


  • कुल मिलाकर क्या है तस्वीर?
    भारत-ईयू एफटीए को लेकर जहां सरकार इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बता रही है, वहीं शशि थरूर जैसे नेताओं का मानना है कि यह समझौता तुरंत नहीं, बल्कि भविष्य में भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि यह समझौता जमीन पर उतरने में कितना समय लेता है और इसका लाभ भारतीय उद्योग को कब तक मिलना शुरू होता है।

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