
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट (Repo Rate) में कटौती किए जाने का असर अब बैंकों की जमा योजनाओं (Plans) पर दिखने लगा है. आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक और एचडीएफसी (HDFC) बैंक के बाद पब्लिक सेक्टर के इंडियन बैंक (Indian Bank) ने अपने ग्राहकों (Customers) को झटका दिया है. बैंक अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) ब्याज (Interest) दरों में कटौती कर दी है. बैंक ने कुछ चुनिंदा टेन्योर की एफडी पर ब्याज दरों में 50 बेसिस प्वाइंट्स (0.50 फीसदी) तक की कमी की है. यह नई दरें 9 जून, 2025 से लागू हो गई हैं.
देश के दूसरे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर दी जाने वाली ब्याज दरों में कटौती कर दी है. बैंक ने कुछ चुनिंदा अवधि की एफडी पर ब्याज दरों में 0.25 फीसदी तक की कमी की है. यह नई दरें 9 जून 2025 से लागू हो गई हैं. बैंक के मुताबिक, अब 3 करोड़ रुपये से कम के एफडी पर आम नागरिकों को एफडी पर 3 फीसदी से लेकर 6.6 फीसदी तक का ब्याज मिलेगा. वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दरें 3.5 फीसदी से लेकर 7.1 फीसदी तक हैं.
देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक एचडीएफसी बैंक ने एफडी दरों में 0.25 फीसदी तक की कटौती की है. बैंक ने 3 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर यह कटौती की है. अब आम ग्राहकों को एफडी पर 2.75 फीसदी से 6.15 फीसदी का सालाना ब्याज मिलेगा। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3.25 फीसदी से 6.65 फीसदी तक की ब्याज दी जाएगी. यह नई दरें 10 जून 2025 से लागू हो गई हैं.
बता दें कि आरबीआई ने शुक्रवार (6 जून) को अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 0.50 फीसदी की कटौती की है. अब रेपो रेट घटकर 5.5 फीसदी पर आ गई है. रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है. जब रेपो रेट घटती है, तो बैंक भी अपने कर्ज और जमा योजनाओं पर ब्याज दरें कम करने लगते हैं.
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