
लखनऊ। प्रदेश की जनता का सत्तारुढ़ भाजपा सरकार से विश्वास उठ चुका है। इस पार्टी से जनता का असंतोष गहराता जा रहा है। जहां पार्टी का शीर्ष नेतृत्व चिंतित है, वहीं आरएसएस भी परेशान है। भाजपा के हाथ से सत्ता फिसलती देख आरएसएस प्रदेश में ताबड़तोड़ बैठकें कर रही है।
उक्त बातें समाजवादी पार्टी(सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिये कहा कि भाजपा के पास साढ़े चार साल की सरकार में उसके पास गिनाने के लिए एक भी योजना नहीं है। प्रशासन पर उसकी पकड़ न होने से हर मोर्चे पर विफल है। हवाई वादों और कागजी सफलताओं के प्रचार से जनता ऊबी हुई है। भाजपा का मातृ संगठन इन हालातों से चिंतित है और लगातार चिंतन-मनन में जुटा है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और संघ की सक्रियता के चलते प्रदेश की अस्मिता को खतरा है। भारत का शासन संविधान से चलता है पर संघ-भाजपा अपना नया संविधान थोपना चाहते हैं। इस विधान में विकास का स्थान नहीं है। मंहगाई और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी भाजपा की इस तरह की धमकियों से डरने वाली नहीं है। आगामी विधान सभा चुनाव लोकतंत्र, संविधान और समाजवाद तीनों की सुरक्षा के लिए लड़े जाएंगे और भाजपा की तानाशाही व्यवस्था को रास्ता दिखाया जाएगा। (एजेंसी, हि.स.)

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