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स्पीकर ने विपक्ष की आवाज़ को दबाया – कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा

February 09, 2026


नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा (Congress MP Priyanka Gandhi Vadra) ने कहा कि स्पीकर ने विपक्ष की आवाज़ को दबाया (Speaker suppressed the Voice of Opposition) । विपक्ष के सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है।


  • कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, “स्पीकर ने विपक्ष की आवाज़ को दबाया । स्पीकर साहब ने खुद का निरादर किया है। स्पीकर साहब पर दबाव है कि उनको खुद बयान देना पड़ रहा है जो सही नहीं है। सवाल ही नहीं उठता कि पीएम पर कोई हमला करे। सरकार द्वारा उन पर दबाव डाला गया है इसलिए उन्होंने ये कहा है, क्योंकि उस दिन पीएम मोदी की हिम्मत नहीं हुई सदन में आने की। इसलिए स्पीकर सफाई दे रहे हैं, ये गलत बात है।”

    कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “लोकसभा अध्यक्ष एक संवैधानिक पद है, यह सत्ताधारी पार्टी का नहीं है। जिस तरह से विपक्ष के नेता की आवाज को भेदभाव के साथ दबाया जा रहा है, वह बहुत चिंताजनक है। यह संसद है, सेंसर बोर्ड नहीं।” उनका इशारा लोकसभा में विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने की ओर था, जो उनके अनुसार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

    कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ लोकसभा और राज्यसभा का नहीं, बल्कि सदन की परंपरा और उसकी गरिमा का है। उन्होंने यह सवाल उठाया, “क्या कभी आपने सुना है कि संसद में प्रधानमंत्री महिला सांसदों से डरते हैं? यह शर्मनाक नहीं है?” उन्होंने आरोप लगाया कि स्पीकर को इस बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए और इसी कारण विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने पर मजबूर है।

    कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर की और कहा, “स्पीकर को सभी पार्टियों को साथ लेकर चलना चाहिए, लेकिन ओम बिरला ने भाजपा की पार्टी लाइन अपनाई है, जो उन्हें नहीं करना चाहिए था।” उनका मानना है कि स्पीकर को सदन की परंपरा का पालन करना चाहिए। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने अविश्वास प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जब आएगा तो हम आपको बताएंगे।”

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “हम बजट पर बोलने आए थे, लेकिन अब लग रहा है कि सरकार और स्पीकर संसद की कार्यवाही में कोई दिलचस्पी नहीं रखते।” कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा, “संसद बहस और प्रक्रिया का पालन करने के लिए है। विपक्ष को देश से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए जगह देनी चाहिए। यह अविश्वास प्रस्ताव उसी का हिस्सा है।”

    अविश्वास प्रस्ताव के विषय पर समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने कहा कि जो भी ‘इंडिया’ गठबंधन के वरिष्ठ नेता निर्णय लेंगे, सभी उसी पर रहेंगे और मानेंगे। उन्होंने कहा, “हमें लगातार देखने को मिला है कि जब से भाजपा आई है, सत्तापक्ष के कभी माइक बंद नहीं होते, लेकिन विपक्ष के नेताओं और सांसदों का माइक बंद किया जाता है। तो अगर अविश्वास प्रस्ताव लाना है तो ‘इंडिया’ गठबंधन मिलकर ही ये प्रस्ताव लाएगा।”

    इसी बीच, शिरोमणि अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैंने 18 साल में ऐसा नहीं देखा जिस तरह यह सदन चलाया जा रहा है। सरकार और स्पीकर से मैं गुजारिश करती हूं कि जो यहां सांसद हैं उन्हें लोगों ने चुनकर भेजा है, उन्हें बोलने का मौका दिया जाना चाहिए।” उन्होंने सवाल किया कि जब आप बोलने ही नहीं देंगे तो इस सदन में लोगों का पैसा क्यों खर्च किया जा रहा है? हर सदस्य को सदन में अपनी बात रखने का हक है।

    हरसिमरत कौर बादल ने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देश को गुमराह किया गया है। आप (भाजपा) देश के किसानों को बर्बाद करके देश आबाद नहीं कर सकते। उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि सरकार विपक्ष को बोलने दे, अगर विपक्ष को बोलने ही नहीं दिया जाएगा तो यह संसद क्यों बनाई है?

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