
मुंबई. अमेरिका (America) की ओर से ईरान (Iran) में तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों (Nuclear bases) पर बमबारी के बाद पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बीच इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) में सोमवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 705.65 अंक गिरकर 81,702.52 पर आ गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 182.85 अंक गिरकर 24,929.55 पर आ गया। अमेरिका ने ईरान में तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर बमबारी की, जिससे वह खुद भी इसाइल-ईरान संघर्ष में शामिल हो गया।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, ‘भले ही ईरान की तीन परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी बमबारी ने पश्चिम एशिया में संकट को और बढ़ा दिया है, लेकिन बाजार पर इसका प्रभाव सीमित रहने की संभावना है। भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की संभावना एक खतरा है, लेकिन यह समझना महत्वपूर्ण है कि यह हमेशा से केवल एक खतरा रहा है और जलडमरूमध्य कभी बंद नहीं हुआ था।’
किसे फायदा-किसे नुकसान?
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से इंफोसिस, एचसीएल टेक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड और इटरनल सबसे ज्यादा पिछड़े नजर आए। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 7,940.70 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
एशियाई और अमेरिकी बाजार का हाल
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक मामूली रूप से हरे निशान पर था। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.69 प्रतिशत उछलकर 78.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

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