
इन्दौर। इस नए साल के शुरुआती पहले ही माह के 31 दिनों में कल तक बिल्ली, बन्दर, चूहों, आवारा कुत्तों सहित अन्य जीव-जंतुओं ने 2000 से ज्यादा नाबालिगों और महिलाओं के अलावा 3 हजार से ज्यादा पुरुषों को भी काटकर घायल कर दिया। इनमें से कई नाबालिग और महिलाएं आवारा कुत्तों के हमलों से गम्भीर रूप से जख्मी हो गए। इनको एंटीरैबीज वैक्सीन लगाने के अलावा टांके भी लगाने पड़े।
लाल अस्पताल हुकुमचंद पॉली क्लिनिक के सीनियर डाक्टर आशुतोष शर्मा ने बताया कि पिछले माह में कल 31 जनवरी तक आवारा कुत्तों, बिल्ली, बन्दर, चूहों, सांप सहित अन्य जीव-जंतु, कीड़ों और जानवरों द्वारा नोचें-काटे गए 5 हजार 300 पीडि़त इलाज कराने आए। इनमें ज्यादातर को एंटीरैबीज वैक्सीन और एंटीइंफेक्शन इंजेक्शन लगाए गए। डाक्टर शर्मा के मुताबिक शहर में आवारा कुत्तों के हमले और आतंक दिनोंदिन ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। डॉग्स बाइट से पीडि़तों के शरीर में इतने ज्यादा और गहरे जख्म हो रहे हैं कि घायल वैक्सीन लगाने के बावजूद अन्य अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करवा रहे हैं। इन घायल पीडितों में नाबालिग किशोर, बच्चे, महिला और पुरुष शामिल हैं।
एक हजार नाबालिग और बच्चे भी शिकार
लाल अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार पिछले जनवरी माह में 1 हजार 10 नाबालिग इलाज कराने आए। इनमें से 844 को शहर के आवारा कुत्तों ने, 36 को बिल्ली ने, 18 को बंदरो ने और 11 को चूहों सहित 1 को अन्य जीव-जंतु ने काटकर घायल कर दिया।
बाइट का शिकार बने पीडितों में 3 हजार पुरुष भी शामिल
पीडि़तों में सिर्फ महिला और नाबालिग ही नहीं, बल्कि इनके अलावा 3 हजार 282 पुरुष भी शामिल हैं। इनमें से 3065 को आवारा कुत्तों ने , 29 को बन्दर ने, 140 को बिल्ली ने, 39 को चूहों ने और 7 को अन्य जीव-जंतु, जानवरों ने काटकर घायल किया है। इसके अलावा 2 को सांप ने भी काटा है।
1008 महिलाओं को भी घायल किया
इंदौर में नाबालिगों के अलावा 1008 महिलाएं भी इलाज कराने लाल अस्पताल पहुंचीं। इनमे से 883 को आवारा कुत्तों ने, 89 को बिल्ली ने, 14 को बंदरों ने, 18 को चूहों ने काटा। इसके अलावा 4 महिलाओं को अन्य जीव-जंतु, जानवरों ने काटकर जख्मी कर दिया।
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