
नई दिल्ली । बांग्लादेश (Bangladesh) में चुनाव (election) से पहले हिंसा की घटनाओं (violence Incidents) में चिंताजनक बढ़ोतरी के बीच बीच मंगलवार को एक और छात्र नेता (student leader) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस और पार्टी सूत्रों ने बताया कि बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मंगलवार रात अज्ञात हमलावरों ने पूर्व स्वेच्छासेवक दल के नेता अजीजुर रहमान मुसब्बिर की गोली मारकर हत्या कर दी। उनपर बीच बाजार भीड़भाड़ वाले इलाके में गोली चलाई गई, जिसके बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
जानकारी के मुताबिक मुसब्बिर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के स्वयंसेवी विंग, ढाका मेट्रोपॉलिटन नॉर्थ स्वेच्छासेवक दल के महासचिव रह चुके थे। पुलिस ने बताया कि मुसब्बिर पर ढाका के बीच एक भीड़भाड़ वाले कमर्शियल इलाके में सुपर स्टार होटल के पास हमला हुआ। स्थानीय समयानुसार ढाका के कारवां बाजार इलाके में रात करीब 8.30 बजे हमलावरों ने उन पर गोली चला दी।
पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने बेहद करीब से गोली चलाई, और गोली उनके पेट में लगी, जिससे मौके पर ही मुसब्बिर की मौत हो गई। वहीं गोलीबारी में एक और व्यक्ति घायल हो गया और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि घायल व्यक्ति की हालत स्थिर है। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के तेजगांव डिवीजन के अतिरिक्त उपायुक्त, फजलुल करीम ने स्थानीय मीडिया में इस खबर की पुष्टि की है कि कारवां बाजार में दो लोगों को गोली लगी है।
कोई गिरफ्तारी नहीं
हमलावरों ने इलाके में जमकर उत्पात भी मचाया। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक हमलावरों ने इलाके से भागने से पहले कई राउंड गोलियां चलाईं, जिससे लोगों में अफरा तफरी मच गई। दूसरी तरफ अधिकारियों ने हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया है। हालांकि बुधवार सुबह तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
विरोध प्रदर्शन की आहट
घटना के बाद अब ढाका में विरोध प्रदर्शन की आग और भड़क सकती है। गोलीबारी के कारवां बाजार इलाके में लोगों के एक समूह ने सार्क फाउंटेन चौराहे को जाम कर दिया, जिससे मंगलवार देर रात यातायात ठप हो गया। रात करीब 10.30 बजे, सेना के जवान को मौके पर पहुंचे और सड़क खाली करानी पड़ी। सेना ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की। हालांकि प्रदर्शनकारी बाद में वापस आ गए।
चुनाव से पहले बिगड़ा माहौल
बता दें कि बांग्लादेश में आगामी 12 फरवरी को चुनाव होने हैं और फिलहाल मतदान से पहले देश में आचार संहिता लागू है। हालांकि लगातार होती 6हिंसक घटनाओं के बाद चुनाव की संभावनाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए जिनमें भारत विरोधी नारे भी लगे थे। वहीं कुछ ही दिन पहले, एक अलग घटना में एक जुबो दल के नेता को गोली मार दी गई थी।
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