
इंदौर। जिनका सपना था कि वे देश के आईआईटी कॉलेज (IIT college) में पढ़ कर , नए अविष्कार (Invention) करें अपना कॅरियर (Carrier) बनाए, मगर किन्ही कारणों से उनके यह सपने पूरे नहीं हो सके । अब इंदौर आईआईटी कॉलेज ऐसे ही स्टूडेंट्स (Students) के अधूरे सपनों को पूरा कर रहा है। किसी भी इंजीनियरिंग कॉलेज से बीई या बीटेक करने वाले स्टूडेंट्स उनके कोर्स के आखरी साल में यानी फायनल ईयर में आईआईटी कॉलेज इंदौर में पढ़ सकते है।
सुनील कुमार ने बताया कि इंदौर आईआईटी कॉलेज ने बीई या बीटेक के स्टूडेंट्स को कॉलेज में पढऩे के लिए अंडर ग्रेजुएट इनबाउंड प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस स्टडी प्रोग्राम के अंतर्गत हर साल 50 स्टूडेंट्स आईआईटी कॉलेज में पढ़ते हुए विज्ञान अथवा तकनीक से सबंधित नई खोज नए अविष्कार कर सकते हैं। अभी तक पहले बैच में 23 स्टूडेंट्स पढ़ चुके और दूसरे बैच में 24 स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। तीसरी बैच की तैयारी शुरू हो गई हैं । अभी तक दोनों बैच में पढऩे वाले स्टूडेंट्स में 15 गल्र्स स्टूडेंट्स भी शामिल हैं। इस प्रोग्राम के अंतर्गत स्टूडेंट्स ,आईआईटी इंदौर के अंतर राष्ट्रीय स्तर का एज्युकेशन सिस्टम के माध्यम से हॉइटेक रिसर्च लैब सुविधाओं के साथ सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, दूरसंचार इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, पदार्थ विज्ञान, मेक्ट्रोनिक्स और मेटलर्जी सम्बन्धित फील्ड में नई रिसर्च नए शोध नए अविष्कार कर सकते हैं।
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