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सनी देओल का गुस्सा, शाहरुख खान से अनबन और बॉबी देओल के लिए भगत सिंह की फिल्म, जानिए अभिनेता के अनसुने किस्से

October 19, 2026

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा (Hindi Cinema) में सनी देओल (Sunny Deol) ने अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली संवाद अदायगी और एक्शन से अलग पहचान बनाई है। दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र (Dharmendra) के बेटे होने के बावजूद उन्होंने अपने अभिनय और मेहनत के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में खास मुकाम हासिल किया। 19 अक्टूबर को 69 वर्ष के हुए सनी देओल का फिल्मी सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। रोमांटिक फिल्मों (Romantic Films) से शुरुआत करने वाले सनी आगे चलकर एक्शन फिल्मों (Action Films) के बड़े सितारे बने। उनके करियर में कई सफल फिल्में आईं, तो कुछ ऐसे विवाद और घटनाएं भी हुईं, जिनकी चर्चा लंबे समय तक होती रही।

सनी देओल का असली नाम अजय सिंह देओल है। उनका जन्म पंजाब के साहनेवाल में हुआ था। परिवार में उन्हें सनी नाम से बुलाया जाता था और फिल्मों में आने के बाद उन्होंने इसी नाम को अपनी पहचान बना लिया। अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने ब्रिटेन के बर्मिंघम स्थित ओल्ड रिप थिएटर में प्रशिक्षण लिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि विदेश जाकर अभिनय सीखने के पीछे एक वजह यह भी थी कि लोग उन्हें धर्मेंद्र के बेटे के बजाय एक सामान्य विद्यार्थी के रूप में देखें। वह अभिनय की बुनियादी बातें सीखना चाहते थे। शशि कपूर की मदद से उन्हें वहां प्रशिक्षण लेने का अवसर मिला था।

सनी देओल ने वर्ष 1983 में फिल्म ‘बेताब’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इस फिल्म का निर्माण उनके पिता धर्मेंद्र ने किया था और निर्देशन राहुल रवैल ने संभाला था। फिल्म में अमृता सिंह उनके साथ नजर आई थीं। रोमांटिक कहानी पर आधारित इस फिल्म को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिला और सनी को पहचान मिली। हालांकि, उन्होंने जल्द ही एक्शन फिल्मों की ओर रुख किया। ‘अर्जुन’, ‘डकैत’, ‘पाप की दुनिया’, ‘यतीम’, ‘वर्दी’, ‘त्रिदेव’ और ‘चालबाज’ जैसी फिल्मों ने उनकी एक्शन हीरो की छवि मजबूत की।

वर्ष 1990 में रिलीज हुई ‘घायल’ उनके करियर की सबसे अहम फिल्मों में शामिल रही। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने अजय मेहरा नाम के बॉक्सर की भूमिका निभाई थी। सनी ने एक बार बताया था कि उस समय कई लोग फिल्म के निर्माण के लिए तैयार नहीं थे, क्योंकि उन्हें इसमें जरूरत से ज्यादा एक्शन नजर आता था और उस दौर में रोमांटिक फिल्मों का प्रभाव था। आखिरकार फिल्म के निर्माण की जिम्मेदारी उनके पिता धर्मेंद्र ने उठाई। ‘घायल’ की सफलता के बाद सनी ने ‘दामिनी’, ‘घातक’, ‘जिद्दी’ और ‘बॉर्डर’ जैसी फिल्मों से अपनी लोकप्रियता को और मजबूत किया।

हालांकि, 1990 के दशक में मिली सफलता के बाद उनका करियर हमेशा एक जैसा नहीं रहा। वर्ष 2000 के शुरुआती दौर में उनकी कुछ फिल्में असफल रहीं। ‘फर्ज’, ‘चैंपियन’ और ‘इंडियन’ जैसी फिल्मों के बावजूद उन्हें लगातार बड़ी सफलता नहीं मिल रही थी। वर्ष 2001 में आई ‘गदर’ ने उनकी लोकप्रियता को फिर नई ऊंचाई दी, लेकिन इसके बाद भी करियर में उतार-चढ़ाव जारी रहे। लगभग 22 साल बाद रिलीज हुई ‘गदर 2’ ने एक बार फिर बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की। इसके बाद सनी ‘जाट’ और ‘बॉर्डर 2’ जैसी फिल्मों से जुड़े। वह ‘बंटवारा 1947’ में भी नजर आए और ओटीटी पर ‘इक्का’ के साथ नई पारी शुरू की। उनकी आगामी फिल्म ‘रामायण’ में वह हनुमान की भूमिका निभाने वाले हैं।

सनी देओल के निजी जीवन से जुड़े कुछ किस्से भी अक्सर चर्चा में रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1984 में लिंडा से शादी की थी, जिन्होंने बाद में पूजा देओल नाम अपनाया। फिल्म ‘बेताब’ की शूटिंग के दौरान अमृता सिंह के उनके प्रति आकर्षित होने की बात भी सामने आई थी। हालांकि, सनी की शादी के बारे में पता चलने के बाद अमृता ने खुद को इस रिश्ते से अलग कर लिया था। सनी को यश चोपड़ा की फिल्म ‘मशाल’ में भी काम करना था, लेकिन उन्होंने धर्मेंद्र की सलाह पर यह फिल्म नहीं की।

वर्ष 1993 में फिल्म ‘डर’ की शूटिंग के दौरान सनी देओल और शाहरुख खान के बीच मतभेद की चर्चा हुई थी। बताया जाता है कि सनी अपने किरदार को कम महत्व दिए जाने और शाहरुख को अधिक तवज्जो मिलने से नाराज थे। एक घटना के दौरान उनका गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने अपनी जींस तक फाड़ दी थी। इस विवाद के बाद दोनों के बीच लंबे समय तक दूरी बनी रही। हालांकि, ‘गदर 2’ की रिलीज के बाद उनके संबंधों में सुधार आने की बात कही गई।

निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ सनी देओल की जोड़ी ने ‘घायल’, ‘दामिनी’ और ‘घातक’ जैसी सफल फिल्में दीं, लेकिन बाद में भगत सिंह पर फिल्म बनाने को लेकर दोनों के बीच मतभेद हो गए। विवाद की एक वजह बॉबी देओल को फिल्म में कास्ट नहीं किया जाना भी बताई गई। इसके बाद संतोषी ने अजय देवगन के साथ ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ बनाई, जबकि सनी ने बॉबी देओल के साथ ‘23 मार्च 1931: शहीद’ बनाई। दोनों फिल्में एक ही दिन रिलीज हुई थीं। बाद में सनी और संतोषी ने मतभेद भुलाकर ‘बंटवारा 1947’ में साथ काम किया।


  • सनी देओल ने अभिनय के अलावा राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई। अप्रैल 2019 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ को हराया। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने दोबारा चुनाव नहीं लड़ने की इच्छा जताई और राजनीति को अपने लिए उपयुक्त क्षेत्र नहीं बताया। इसके बाद उनका ध्यान फिर फिल्मों पर केंद्रित हो गया।

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