
नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में पारिस्थितिकी असंतुलन पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने चिंता जाहिर की है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने हिमाचल प्रदेश में पारिस्थितिकी और पर्यावरण (Ecology and Environment) के हालात पर स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही है। अब अदालत ने इस मामले में न्याय मित्र की नियुक्ति करने का फैसला किया है।
न्याय मित्र निष्पक्ष रहकर मामले से जुड़ी जानकारी और विशेषज्ञता अदालत के साथ साझा करेगा और इस मामले में अदालत की मदद करेगा। सोमवार को हिमाचल प्रदेश के एडवोकेट जनरल और अतिरिक्त एडवोकेट जनरल ने पीठ को बताया कि राज्य सरकार ने पर्यावरण के हालात पर 23 अगस्त को रिपोर्ट दे दी है। इसके बाद पीठ ने मामले की सुनवाई चार हफ्ते बाद के लिए टाल दी। पीठ ने कहा कि राज्य में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।
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