
नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने सोमवार को तलाक (Divorce) की प्रक्रिया से गुजर रहे एक दंपति (couple) को आपसी शिकायतें और मतभेद दूर करने के लिए एक साथ डिनर (Dinner) करने की सलाह दी है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ फैशन जगत से जुड़ी एक उद्यमी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पति ने अपने तीन साल के बच्चे के साथ विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी।
सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा, ‘‘आपका तीन साल का बच्चा है। दोनों पक्षों के बीच अहंकार की क्या बात है? आप आज रात खाने पर मिलें। कॉफी पर बहुत कुछ बात बन सकती है। हमारी कैंटीन इसके लिए इतनी अच्छी नहीं हो सकती। हम आपको एक और ड्राइंग रूम मुहैया करा देंगे।’’
उच्चतम न्यायालय ने दंपति से यह सलाह भी दी है कि वे अतीत को कड़वी गोली की तरह निगल लें और भविष्य के बारे में सोचें। सर्वोच्च अदालत ने सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताते हुए मामले की सुनवाई मंगलवार के लिए स्थगित कर दी है। पीठ ने कहा, ‘‘हमने दोनों पक्षों को एक-दूसरे से बातचीत करने और अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।’’ इससे पहले जुलाई 2022 में ही सुप्रीम कोर्ट में एक ऐसा ही मामला सामने आया था। कोर्ट ने 20 साल से अलग रह रहे एक जोड़े को एक साथ रहने और चाय पर बातचीत पर समाधान निकालने की अपील की थी।
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