
नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को मुंबई के होटल कारोबारी जया शेट्टी हत्याकांड (2001) में गैंगस्टर छोटा राजन (Gangster Chhota Rajan) को दी गई जमानत को रद्द (Bail cancelled) कर दिया। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला सजा निलंबित करने योग्य नहीं है। आपको बता दें कि छोटा राजन को मई 2024 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि सीबीआई को उसके खिलाफ दर्ज 72 में से 48 मामलों में सबूत नहीं मिले। अदालत ने बताया कि राजन को 4 मामलों में सजा हो चुकी है और वह 27 साल तक फरार रहा। पीठ ने पूछा – “ऐसे आदमी को सजा निलंबन क्यों दिया जाए?”
आपको बता दें कि साल 2001 में होटल व्यवसायी जया शेट्टी की हत्या तब कर दी गई थी जब उन्होंने राजन गिरोह को 50,000 रुपये की रंगदारी देने से इनकार कर दिया था। 2015 में इंडोनेशिया से प्रत्यर्पण के बाद छोटा राजन पर हत्या और वसूली के कई मामले चल रहे हैं।
छोटा राजन 27 साल तक फरार रहा। इस दौरान उसके खिलाफ भारत में हत्या, रंगदारी और अन्य मामलों की जांच होती रही। 2015 में छोटा राजन को इंडोनेशिया के बाली से गिरफ्तार किया गया। प्रत्यर्पण कर उसे भारत लाया गया। सीबीआई ने उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच अपने हाथ में ली। अलग-अलग मामलों में ट्रायल चला। राजन पर हत्या, माफिया गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे कई केसों में सुनवाई हुई।
मई 2024 में सीबीआई कोर्ट ने जया शेट्टी हत्याकांड में छोटा राजन को उम्रकैद की सजा सुनाई। जुलाई 2024 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने राजन की अपील पर सुनवाई करते हुए उसकी सजा पर अस्थायी राहत यानी कि जमानत दे दी। अब सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील पर हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया।
कोर्ट ने कहा, “चार मामलों में दोषसिद्धि और 27 साल तक फरार रहने का रिकॉर्ड है। ऐसे व्यक्ति को राहत नहीं मिल सकती है।” अब छोटा राजन को जेल में ही अपनी उम्रकैद की सजा पूरी करनी होगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved