img-fluid

SC ने पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों को हटाने पर रोक लगाई, DDA से मांगा जवाब

February 03, 2026

नई दिल्‍ली । सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को दिल्ली (Delhi) के मंजनू का टीला इलाके के रिफ्यूजी कैंप में रह रहे पाकिस्तान (Pakistan) से आए करीब 800 हिंदुओं (Hindu) को वहां से हटाने के आदेश पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब सरकार की ओर से इन लोगों को भारत की नागरिकता दी जा चुकी है तो इन्हें गरिमापूर्ण तरीके से रहने की जगह क्यों नहीं मिलनी चाहिए। सर्वोच्च अदालत ने DDA को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। साथ ही केंद्र सरकार से भी इस मसले पर 4 हफ्तों में जवाब मांगा।

मंजनू का टीला में रह रहे 250 परिवार
पूरे मामले की जानकारी देते हुए वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि अभी दिल्ली के मंजनू का टीला में करीब 250 परिवार और एक हजार लोग रह रहे हैं। ये सभी पाकिस्तान से आए हिंदू हैं जो धर्म के आधार पर उत्पीड़न के बाद भारत आए हैं। ये बीते 12 वर्षों से मंजनू का टीला के कैंप में रह रहे हैं। दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए) ने वहां एक नोटिस लगाकर उन्हें जगह खाली करने को कहा है।


  • नौकरशाही के कारण नहीं हल हुआ मामला
    वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि हमने डीडीए के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की। ​​दिल्ली हाई कोर्ट ने डीडीए और आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के साथ मिलकर काफी समय तक इस मामले पर कोऑर्डिनेट और मॉनिटर किया लेकिन कोई पॉलिसी नहीं बन पाई। हाई कोर्ट ने आखिर में पैराग्राफ 23 में लिखा कि वे बहुत निराश हैं कि वे कोई पॉलिसी नहीं बना पाए और नौकरशाही के कंट्रोल की वजह से मामला हल नहीं हो पाया।

    हिंदू शरणार्थियों को हटाने के आदेश पर रोक
    वकील विष्णु शंकर जैन ने आगे कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उक्त आदेश के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने DDA के हिंदू शरणार्थियों को हटाने के आदेश पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि जब इन हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन कानून के तहत नागरिकता मिल गई है तो उन्हें रहने का अधिकार क्यों नहीं होना चाहिए?

    केंद्र सरकार से चार हफ्तों में मांगा जवाब
    इस मामले में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी भी केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुईं। सुप्रीम कोर्ट ने उनसे चार हफ्तों के अंदर इस मामले पर उच्चतम स्तर पर विचार-विमर्श कर के फैसले के बारे में अदालत को अवगत कराने के लिए कहा है। सर्वोच्च अदालत ने सवाल किया कि जब इन लोगों को नागरिकता मिल गई है तो उनको रहने का अधिकार क्यों नहीं मिलेगा? जब इनको नागरिकता मिल चुकी है तो इनको कहीं न कहीं जगह मिलनी चाहिए। यह मामला अब चार हफ्तों के बाद फिर से सुप्रीम कोर्ट के सामने आएगा।

    Share:

  • India-US ट्रेड डील से शेयर बाजार को बूस्ट, ट्रंप के टैरिफ कट से निफ्टी 25,500 के पार जाने की उम्मीद

    Tue Feb 3 , 2026
    मुंबई। लंबे इंतजार के बाद भारत और अमेरिका (India-US ) के बीच ट्रेड डील पर मुहर लग गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) में बड़ी कटौती का ऐलान किया। ट्रंप के मुताबिक भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ को […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved