
नई दिल्ली। टाटा समूह (Tata Group) के लिए अगला सप्ताह काफी अहम होगा। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अगले सप्ताह टाटा संस के बोर्ड की मीटिंग (Board meeting of Tata Sons) होने वाली है। 24 फरवरी को प्रस्तावित इस बैठक में टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन (Chairman N. Chandrasekaran) के तीसरे कार्यकाल पर फैसला होगा। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में बोर्ड के सामने तीसरे कार्यकाल को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। बिजनेस स्टैंडर्ड के एक सूत्र के अनुसार टाटा संस बोर्ड में कार्यकाल बढ़ाने की चर्चा से चंद्रशेखरन खुद को अलग रखेंगे। बता दें कि एन चंद्रशेखरन का दूसरा कार्यकाल अगले वर्ष पूरा होने वाला है, ऐसे में समय से पहले ही उनके नेतृत्व को लेकर स्पष्टता लाने की तैयारी की जा रही है।
पिछले साल नोएल टाटा ने रखा था प्रस्ताव
टाटा संस के सबसे बड़े शेयरधारक टाटा ट्रस्ट्स ने पिछले साल एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल की सिफारिश करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था। उस बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और वाइस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने चंद्रशेखरन को टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन के रूप में पांच साल के लिए फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा था। अब इस प्रस्ताव पर बोर्ड की मंजूरी जरूरी है।
रतन टाटा ने की थी सिफारिश
चंद्रशेखरन के दूसरे कार्यकाल की बात करें तो साल 2022 में जब कार्यकाल बढ़ाया गया था, तब टाटा ट्रस्ट्स के तत्कालीन अध्यक्ष और समूह के मानद अध्यक्ष रतन टाटा ने टाटा संस बोर्ड की बैठक में हिस्सा लिया था। इसके साथ ही अगले पांच वर्षों के लिए चंद्रशेखरन के नाम की सिफारिश की थी। बता दें कि नमक से सेमीकंडक्टर तक के कारोबार में सक्रिय टाटा समूह इस समय कई रणनीतिक विस्तार योजनाओं पर काम कर रहा है। ऐसे में शीर्ष नेतृत्व की निरंतरता को समूह की दीर्घकालिक रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है। चंद्रशेखरन के नेतृत्व में समूह ने एयरलाइन, टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और डिजिटल कारोबार में बड़े फैसले लिए हैं, जिससे कंपनी की वैश्विक उपस्थिति मजबूत हुई है।
कौन है एन चंद्रशेखरन?
नटराजन चंद्रशेखरन टाटा समूह की सभी कंपनियों के प्रमोटर टाटा संस के चेयरमैन हैं। वह अक्टूबर 2016 में टाटा संस के बोर्ड में शामिल हुए और जनवरी 2017 में चेयरमैन नियुक्त हुए। वे टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर, एयर इंडिया, इंडियन होटल्स कंपनी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज सहित समूह की कई ऑपरेटिंग कंपनियों के बोर्ड के भी अध्यक्ष हैं।चेयरमैन बनने से पहले, वे टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे, जहां उन्होंने 30 वर्षों तक सेवा की। वह 2017 तक आठ वर्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में शामिल हैं।
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