
उज्जैन। जिला पंजीयन कार्यालय में संपत्ति खरीद-फरोख्त की रजिस्ट्रियाँ सर्वर डाउन होने के कारण लगातार प्रभावित हो रही हैं। क्रेता और विक्रेताओं को घंटों इंतजार के बाद भी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही, जिससे वे मायूस होकर लौटने को मजबूर हैं।
तकनीकी खामियों के चलते रोजान लक्ष्य के मान से कम रजिस्ट्री हो रही हैं। जैसे कि सर्वर की समस्या के चलते ओटीपी वेरिफिकेशन बार-बार अटक रहा है, जिससे संपत्तियों की खरीद-फरोख्त की रजिस्ट्रियां बाधित हो रही हैं। वहीं, पॉवर ऑफ अटॉर्नी जैसे दस्तावेज पंजीकृत हो रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा जरूरत भवन और भूमि की रजिस्ट्रियों की होती है, जो समय पर नहीं हो पा रही। जबकि संपदा 1 में औसतन 100 से 130 रजिस्ट्रियाँ होती थी। लेकिन संपदा 2 में अब लोगों को दिनभर इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ा। इतना ही नहीं नए पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निराकरण भी तय समय सीमा पर नहीं हो पा रहा हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved