नई दिल्ली। वैश्विक आतंकवाद सूचकांक (GTI) 2026 की ताजा रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया (South Asia) की सुरक्षा स्थिति पर गंभीर तस्वीर पेश की है। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (Institute for Economics and Peace) द्वारा जारी इस रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप झेलता रहा (Pakistan) अब खुद दुनिया का सबसे अधिक आतंकवाद प्रभावित देश बन गया है। उसने (Burkina Faso) को पीछे छोड़ते हुए यह स्थान हासिल किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 पाकिस्तान के लिए पिछले एक दशक का सबसे घातक वर्ष साबित हुआ। इस दौरान 1,139 लोगों की मौत हुई और 1,045 आतंकी घटनाएं दर्ज की गईं। 2020 की तुलना में हमलों में छह गुना वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले 12 वर्षों से पाकिस्तान शीर्ष 10 प्रभावित देशों में बना हुआ है, लेकिन हालिया तेजी से बिगड़ती स्थिति ने विशेषज्ञों को चिंतित कर दिया है।
तालिबान की वापसी और बढ़ता आतंक
रिपोर्ट में Afghanistan में Taliban की सत्ता में वापसी को पाकिस्तान में बढ़ते आतंकवाद का बड़ा कारण बताया गया है। Tehrik-i-Taliban Pakistan (TTP) जैसे संगठनों ने अफगान जमीन का इस्तेमाल सुरक्षित ठिकाने और ट्रेनिंग सेंटर के रूप में किया।
2025 में TTP के हमलों में 24% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें 637 लोगों की मौत हुई—यह 2011 के बाद सबसे ज्यादा है। वहीं Balochistan Liberation Army (BLA) ने भी हिंसा को बढ़ाया। क्वेटा के पास जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का अपहरण कर 442 लोगों को बंधक बनाना वर्ष की बड़ी घटनाओं में शामिल रहा।
भारत में सुधार के संकेत
रिपोर्ट के मुताबिक India में आतंकवादी घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। भारत वैश्विक रैंकिंग में 13वें स्थान पर है, लेकिन उसकी स्थिति में सुधार उत्साहजनक माना गया है। देश का GTI स्कोर 6.428 रहा और 2025 में आतंकी हमलों में 43% की गिरावट दर्ज की गई। पिछले दस वर्षों में भारत के स्कोर में 0.415 अंकों का सुधार हुआ है, जो सुरक्षा तंत्र की मजबूती को दर्शाता है।
दक्षिण एशिया को अब भी दुनिया का सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र (औसत स्कोर 3.465) माना गया है, लेकिन इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भारत का प्रदर्शन अपने कई पड़ोसियों से बेहतर रहा है।
नेपाल और बांग्लादेश की उपलब्धि
रिपोर्ट में Bangladesh और Nepal के आंकड़े सबसे सकारात्मक रहे हैं। बांग्लादेश में आतंकी हमलों में 100% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि नेपाल ने लगातार तीसरे साल एक भी आतंकी घटना दर्ज न कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
वहीं, Afghanistan में भी तालिबान के नियंत्रण के बाद घटनाओं में कमी आई है और वह अब वैश्विक सूची में 11वें स्थान पर है।
भविष्य को लेकर चेतावनी
रिपोर्ट ने चेताया है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी तनाव और संभावित संघर्ष से बड़े पैमाने पर विस्थापन हो सकता है। कमजोर सीमा नियंत्रण की स्थिति में TTP जैसे आतंकी संगठनों को और अधिक पनपने का मौका मिल सकता है।
कुल मिलाकर, रिपोर्ट दक्षिण एशिया में आतंकवाद की जटिल और बदलती तस्वीर को उजागर करती है—जहां एक ओर पाकिस्तान गंभीर संकट से जूझ रहा है, वहीं भारत, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देश सुधार और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ते दिख रहे हैं।
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