
बैंकाक (bangkok) । आशांति से जूझ रही दुनिया (World) को हिंदू धर्म (Hindu Religion) के मूल्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। अहिंसा, सत्य, सहिष्णुता और आपसी सद्भाव के रास्ते पर चलकर ही शांति प्राप्त हो सकती है। हिंदू मूल्यों को अपनाने से ही शांति स्थापित होगी…यह कहना है थाईलैंड के प्रधानमंत्री श्रेथा थाविसिन (Thailand’s Prime Minister Shretha Thawisin) का। उन्होंने कहा कि दुनिया में आज हिंदुओं की पहचान एक समृद्धशाली और प्रगतिशील समाज के रूप में हो रही है।
वेदों की तारीफ की
दरअसल, थाईलैंड की राजधानी में आज शुक्रवार को विश्व हिंदू सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में थाई प्रधानमंत्री को भी शामिल होना था। हालांकि, किसी व्यस्तता के कारण वे शामिल नहीं हो सके। इसलिए उनका संदेश पढ़ा गया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि हिंदू धर्म धर्म के संदेशों और मूल्यों पर आयोजित विश्व हिंदू सम्मेलन की मेजबानी करना थाईलैंड के लिए सम्मान की बात है। थाई पीएम ने कहा कि वेद शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांतों की कल्पना करते हैं। शांति की अवधारणा भी इन्हीं सिद्धांतों पर स्थापित हैं।
धर्म की विजय का उद्घोष
कार्यक्रम की शुरुआत धर्म की विजय के उद्घोष के साथ दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। इस दौरान प्रख्यात संत माता अमृतानंदमयी, भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी पूर्णानंद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहनराव भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, विश्व हिंदू परिषद के महासचिव मिलिंद परांडे और कार्यक्रम के संस्थापक-संचालक स्वामी विज्ञानानंद उपस्थित थे।
2200 से अधिक गणमान्य हुए शामिल
विश्व हिंदू सम्मेलन में दुनिया के 61 देशों के 2200 से अधिक गणमान्यों को आमंत्रित किया गया था। सभी गणमान्य शिक्षा, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, अनुसंधान और विकास, मीडिया और राजनीति सहित अन्य क्षेत्रों में अपनी उपलब्धियों के लिए प्रसिद्ध हैं। इनमें करीब 25 देशों के सांसद और मंत्री भी शामिल हैं। बता दें, थाईलैंड में भारतीय समुदाय के लगभग 10 लाख लोग रहते हैं। पूरा समुदाय थाईलैंड के व्यापार और आर्थिक विकास में योगदान देता है।
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