
नई दिल्ली। पुणे पोर्श (Pune Porsche) कार हादसे (Car Accidents) के मामले में आरोपी पर किशोर की तरह मुकदमा चलेगा। किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) ने मंगलवार को यह आदेश दिया। 17 वर्षी आरोपी ने बीते साल पुणे में तेज रफ्तार कार से दो लोगों को कुचल दिया था, जिससे दोनों की मौत हो गई थी। यह मामला पूरे देश में सुर्खियों में रहा था।
बीते साल 19 मई को पुणे के कल्याणी नगर इलाके में आरोपी किशोर ने अपनी तेज रफ्तार पोर्श कार से मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार दो आईटी पेशेवर अनीश अवधिया और उनके दोस्त अश्विनी कोस्टा की मौत हो गई थी।
पुणे पुलिस ने पिछले साल आरोपी पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने की मांग की थी, क्योंकि उसने एक जघन्य कृत्य किया था। आरोपी पक्ष की तरफ से सबूतों से छेड़छाड़ करने की भी कोशिश की गई थी। हालांकि 25 जून, 2024 को, बॉम्बे उच्च न्यायालय ने लड़के को रिहा करने का निर्देश दिया। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि किशोर न्याय बोर्ड द्वारा आरोपी को सुधार गृह भेजने का आदेश अवैध था और किशोरों से संबंधित कानून का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए।
अब किशोर न्याय बोर्ड ने आरोपी को बड़ी राहत देते हुए उस पर किशोर की तरह मुकदमा चलाने का आदेश दिया। बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड ने आरोपी लड़के को वयस्क मानने की पुलिस की याचिका खारिज कर दी।
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