
बच्चो की शिक्षा का जिम्मा उठाएंगे…स्कूल बैग…स्टेशनरी के साथ फीस भरने की भी पहल
इंदौर। कोविड काल (covid period) में अनाथ (Orphan) हुए बच्चों (Children) के लिए जिला प्रशासन (administration) सहारा बनने जा रहा है। पिछले वर्ष की तर्ज पर ही बच्चों को न केवल कापी-किताबें, स्कूल बैग, स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाएगी, बल्कि ऐसे बच्चे जो आर्थिक (Economic) रूप से कमजोर होने के कारण स्कूल की फीस (school fee) भरने में भी असमर्थ है, उन्हें भी सहायता दी जाएगी। 96 अनाथों का सहारा बनते हुए प्रशासन न केवल उन्हें शिक्षित करेगा, बल्कि संबल भी प्रदान करेगा।
सरकार का भी मिल रहा वात्सल्य
कोरोना काल के दौरान भारी तादाद में ऐसी महिलाएं जिला प्रशासन के समक्ष सहायता की गुहार लेकर पहुंची थीं, जो अपने पति को खो चुकी थीं और बच्चों के पालन-पोषण में तकलीफों का सामना कर रही थीं। प्रशासन ने दस-दस हजार रुपए की सहायता कर तात्कालिक सहायता मुहैया कराई थी, जिसके बाद बच्चों की फीस के लिए भी कई आवेदन आए थे। जिस पर संज्ञान लेते हुए तत्कालीन कलेक्टर ने स्टेशनरी उपलब्ध कराने की पहल की। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए कलेक्टर आशीष सिंह बच्चों को सुविधा उपलब्ध कराएगा। ज्ञात हो कि कोरोना काल समाप्त होने के बाद सरकार ने भी इन बच्चों के लिए वात्स्ल्य योजना शुरू की थी, जिसमें बच्चो को 18 साल की उम्र होने पर चार हजार रुपए महीने देने का प्रावधान है।
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